शिवपुरी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नमिता बौरासी ने एक ऐसी महिला को दण्डित किया है जिसने आरोपी के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया था और बाद में वह न्यायालय में आरोप से पलट गई। न्यायालय ने उसे झूठे सबूत प्रस्तुत करने पर न्यायालय उठने तक की सजा और पांच सौ रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
अभियोजन के अनुसार 11 फरवरी 2013 को सतनवाड़ा थाने में फरियादियां ने आवेदन दिया था कि आरोपी दंगल सिंह ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। इसके बाद सतनवाड़ा पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध दुष्कर्म का मामला दर्ज कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया, लेकिन फरियादिया ने न्यायालय में शपथ पत्र प्रस्तुत कर बताया कि दंगल सिंह ने उसके साथ दुष्कर्म नहीं किया।
बल्कि उसके शादी से पहले उसके पति से ही शारीरिक संबंध थे जबकि न्यायालय में डीएनए रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि महिला से पैदा हुआ बेटा व दंगल सिंह के डीएनए मेच हुए हैं जबकि बेटे की मौत हो गई थी।
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