शिवपुरी। खबर जिले के बदरवास जनपद पंचायत के अंतर्गत एक गांव से आज एक अजीबों-गरीब तस्वीर सामने आई है। इस पंचायत में एक मुक्तिधाम तो बना हुआ है। परंतु वह इस गांव से महज दो किमी दूर है। बीते लंबे समय से इस बस्ती के लोग पानी की टंकी के पास ही दाह संस्कार करते आए है। जानकारी के अनुसार बीते रोज मेगोनाबाड़ा ग्राम पंचायत के हरिजन बस्ती में बीते प्रेमबाई जाटव पत्नि बल्सूराम जाटव उम्र 60 साल निवासी मेगोनाबाड़ा की बीते रोज मौत हो गई। इस मौत के बाद परिजन तत्काल महिला के दाह संस्कार के इंतजाम में जुट गए। परंतु बारिश अधिक होने के चलते परिजन महिला को दाह संस्कार के लिए नही ले जा पा रहे थे।
तभी महिला के परिजनों ने निर्णय लिया कि महिला का दाह संस्कार बारिश में पानी की टंकी के नीचे करेंगे। जिसपर पूरे लोग एकत्रित होकर पानी की टंकी के नीचे पहुंचे और दाह संस्कार किया। यहां बता दे कि इस बस्ती के लोग लंबे समय से इस पानी की टंकी के पास ही दाह संस्कार करते आए है। परंतु यहां इस गांव के लिए एक मुक्तिधाम मंजूर तो हुआ परंतु वह गांव से लगभग 2 किमी दूर बनाया गया है। गनीमत यह रही कि अभी यह पानी की टंकी से घरों के कनेक्शन नहीं जोड़े गए है। बरना लागों मेें पानी पीने में भी डर बैठ जाता।
इनका कहना है-
हमारे यहां एक मुक्तिधाम तो बना हुआ है। परंतु वह इस मजरे से 2 किमी दूर है। यह मजरा गांव से अलग है और इस मजरे के लौग पानी की टंकी के पास ही दाह संस्कार करते है। इसके लिए हमने शासन से मंजूरी मांगी थी। परंतु उन्होने हमें मंजूरी नहीं दी। अब हम क्या करें।
नरेन्द्र यादव, सरपंच मेगोनाबाड़ा।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।