शासकीय टीचर पड़ा रहे है कोचिंग: घरों पर संचालित कर रहे है कोचिंग, कैसे साकार होगा CM का सपना

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शिवपुरी। जिले में इन दिनों प्रभारी डीईओं के भरोसे चल रही शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बेटिंलेटर पर आ गई है। यहां शासकीय शिक्षकों पर प्रशासन पुर जोर प्रयास कर रहा है। उसके बाबजूद भी शासकीय शिक्षक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। पिछले साल डीपीसी शिरोमणि दुबे ने गली कूचों में अपनी दुकानें सजाने बाले इन शासकीय शिक्षकों पर लगाम लगाने का प्रयास तो किया। परंतु इस कार्यवाही के बाद शिक्षक और चौकंन्ने हो गए। शासकीय शिक्षकों ने अपनी-अपनी दुकाने स्थान बदलकर फिर प्रारंभ कर दी। 

विदित हो कि पिछले बर्ष डीपीसी शिरोमणि दुबे ने अपनी-अपनी दुकानें सजाएं बैठे शासकीय शिक्षकों पर नकेल कसते हुए शिक्षकों की कोंंचिंगों पर छापेमार कार्यवाही की थी। इस कार्यवाही से पूरे जिले के शासकीय शिक्षकों में हडकंप की स्थिति निर्मित हो गई थी। डीपीसी ने कई शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबिंत किया। परंतु उसके बाद डीपीसी के ट्रांसफर के बाद शासकीय शिक्षकों ने फिर से अपनी दुकानें सजा ली। 

यह दुकाने शिवपुरी में ही नहीं अपितु शहर के आसपास के क्षेत्रों में भी चल रही है। कलेक्टर मेड़म की नाक के नीचें संचालित कोंचिंग कृष्णा केरियर में बीते वर्ष डीपीसी ने पढाने बाले शिक्षक गोविंद एण्ड गोविंद को कार्यवाही की जद में लिया था। इसके साथ ही शासकीय स्कूल सिंहनिवास में पदस्थ शिक्षक दधिवाल ने अपना स्थान बदलकर अपने घर पर ही कक्षाएं संचालित करना प्रारंभ कर दिया। 

बात कोलारस कस्बे की करें तो यहां रेलवे स्टेशन रोड़ ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल में शासकीय शिक्षक विनोद सिकरवार जो कि शासकीय स्कूल तोड़ में पदस्थ है। यह अपने घर पर कोंचिंग संचालित करते है। वही बृजकिशोर खेमरिया जो कि शासकीय शिक्षक है अपने घर पर ही कोचिंग संचालित करते है। शासकीय स्कूल कोलारस में पदस्थ शिक्षक जेपी शर्मा विद्यामंदिर स्कूल में अपनी शिक्षा की दुकान संचालित करता है। शासकीय शिक्षक दादौरिया भी अपने घर पर अपनी दुकान चलाता है। 

इनका कहना है-
मामला बेहद गंभीर है। में इसको दिखवा लेता हूं अगर शासकीय शिक्षक कही भी पढ़ाते मिलेगें तो उन पर कार्यवाही की जाएगी।
आरएस प्रजापति,प्रभारी जिला शिक्षाधिकारी शिवपुरी

हमने पिछले बर्ष भी अभियान चलाया था। जिसमें कई शिक्षकों पर कार्यवाही की थी। शासकीय शिक्षक अगर कोंचिंग संचालित करते पाए गए तो यह गलत है। हम फिर से यह अभियान चालू कर रहे है। और इन शिक्षकों पर कार्यवाही की जाएगी। 
शिरोमणि दुबे, डीपीसी शिवपुरी। 
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