प्यासे कंठो और अन्नदाता पर मेहबान हुए इंद्रदेव, हुआ कई जगह जलभराव

शिवपुरी। आज सुबह से बादलों में काली घटायें छाई हुई थी और सुबह से ही ऐसा प्रतीत हो रहा था कि आज निश्चित रूप से मूसलाधार बारिश होगी। आज दोपहर लगभग 1:30 बजे 2:30 बजे तक मानसून ने दस्तक दी और झमाझम बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई है वहीं शहर के मध्य से गुजरने वाले नालों ने विकराल रूप धारण कर लिया। 

शिवपुरी में हुई मानसून की पहली बारिश ने यह चरितार्थ करते हुए कि देर आए लेकिन दुरूस्त आए। प्रतिवर्ष की भांति  इस वर्ष भी बारिश का होना तय था लेकिन नगर पालिका प्रशासन द्वारा शहर के नाले व नालियों की सफाई करवाना उचित नहीं समझा। वर्ष भर की गंदगी व कूड़े करकट की बजह से नाले व नालियों का पानी व गंदगी उफन कर सडक़ों पर आ गई। 

जिससे सडक़ों पर चारों ओर गंदगी फैल गई तथा निचली बस्तियों के रहवासियों के मकानों व दुकानों में गंदा पानी भर गया। जिसकी बजह से नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। एक ओर जहां एक घंटे की झमाझम बारिश के उपरांत भीषण गर्मी से राहत की सास ली है वहीं गत कई महिनों से जल स्तर नीचे चले जाने से शहर में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ था। उक्त बारिश की बजह से कुछ जल स्तर बढऩे की संभावना प्रवल हुई है। बारिश के दौरान छोटे-छोटे बालक तथा युवाओं को पहली बारिश का आनंद लेते हुए गली मोहल्लों में देखा गया। 

नगर पालिका के स्वच्छता अभियान पर लगा सवालिया निशान 
भले ही पूरे देश में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा हैं। इसी कड़ी में शिवपुरी नगर पालिका में स्वच्छता अभियान के नाम पर कागजों में करोड़ों रूपए खर्च कर दिए हो लेकिन आज पहली बारिश में इसकी पोल खोल कर रख दी हैं। क्योंकि पहली बारिश में ही सडक़ों पर नालियों से कीचड़ व कचड़ा के साथ निचली बस्तियों में नालियां चौक होने के कारण घरों में तक पानी भर गया जिससे नपा के स्वच्छता अभियान की पोल खोलकर रख दी हैं। क्योंकि इन नालियों के सफाई के नाम पूरे शहर लाखों रूपए खर्च कर दिए गए थे। 

तोड़े गए मकानों का नालों में से नहीं हटाया मलवा 
 गत वर्ष नालों के किनारे शासन द्वारा छोड़ी गई रिक्त भूमि पर किए गए अतिक्रमण में निर्माण कराए गए उन्हें तो नगर पालिका प्रशासन द्वारा हटाया गया साथ ही नाले की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हुई जिनका मलवा नालों में ही पड़े रहने दिया। जिसकी बजह से मानसून की हुई पहली झमाझम बारिश का पानी नालों में से नहीं गुजर सका। 

नालों में से निकल कर सडक़ों तथा निचली बस्तियों में जा घुसा। जबकि देश के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वच्छता अभियान को प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्यवाही की जा रही है लेकिन शिवपुरी की नगर पालिका अध्यक्ष तथा प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को कोई तबज्जो न देते हुए नाली तथा नालों की सफाई नहीं कराई गई। जिसका खामियाजा वेवजह ही शहर के नागरिकों को उठाना पड़ा। 

कोलारस में हुई वारिस से जगह जगह सडकों पर भरा पानी 
कोलारस कस्बे में एक घंटे हुई झमाझम बारिश से सडको से लेरक गड्डो में पानी भर गया एसडीएम कार्यलय, रजिस्टार कार्यालय के रास्ते पर ही तालाव जैसी स्थिति बन गई है। जिसके चलते ग्रामीण लोगो को इन कार्यालयो में जाने में काफी परेशानी उठानी पड रही है। 

जगतपुर तिराहे से एसडीएम निवास पर जगह जगह सडक में ही नाली न होने के चलते इतना पानी भरा हुआ था जिससे लोगो को परेशान होना पडा करोडो की लागत से बनाई गई सडक को देखकर लोग यह कहते हुए देखे गए कि सरकर के पैसो को ठेकेदार हजम कर जाते है जब सडके बनती है तो न तो आला अधिकारी ध्यान देते है  जिसके चलते प्रत्येेक सडक़ बनने के बाद लोगो को आराम देने की बजाह परेशानी में डाल देती है। 

यह हाल जगतपुर में सरकारी स्कूल, पशु चिकित्सालय, कृषि विभाग, नवीन तहसील कार्यालय के आस पास दिखाई दिया यहा पर भी जगह जगह वारिस का पानी एकत्रित हुआ नजर आया जिससे आम लोगों को काफी परेशान होना पड़ा ग्राम राई, सिंघराई, सरजापुर, मोहरा में वारिस अच्छी हुई जिसके चलते जहां आम लोगो को गर्मी से राहत मिली है। तो वही व्यापारियों से लेकर किसान खुश नजर आए।
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