2 करोड के टैंट से लोकार्पण करने वाले सीएम रोड की सीरत तो देख लेते: कांग्रेस

शिवपुरी। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव हरवीर सिंह रघुवंशी ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 23 जुलाई को 2 करोड रूपयों का टेट लगाकर, जिस गुना-शिवपुरी फोर लाइन को लोकार्पण किया, जबकि पूरा अंचल जानता है इस फोर लाइन की स्वीकृति सांसद सिंधिया जी द्वारा वर्ष 2014 में स्वीकृत कराई थी। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा बाला-बाला प्रोटोकॉल के विपरीत केन्द्रिय मंत्री को लाकर लोकार्पण कर शिला पट्टिका लगाकर झूठा श्रेय लेने की कोशिश की, जबकि पूरा अंचल जानता है कि यह फोर लाइन यूपीए सरकार से सांसद सिंधिया जी ने स्वीकृत कराई थी। राज्य सरकार ने अपने चहेते ठेकेदार दिलीप बिल्डकॉन को ठेका दिलाने की गरज से तरह.तरह के रोड़े अटकाए, जो रोड 2014 में बननी थी वह अभी तक अधूरी है और अधूरे कार्य पर टोल टैक्स जरूर शुरू करा दिया। 

चूंकि रोड माननीय मुख्यमंत्री जी के साथी होने से प्रशासन ने आंख मूंद ली थी। परिणाम स्वरूप पहली बरसात में पुल ओवर ब्रिज तो क्षतिग्रस्त हो ही रहे हैं साथ में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधियों के विरोध को नजर अंदाज कर ऐसे क्रोसिंग बनाए गए हैं, जहां आए दिन दुर्घटना होती रहती हैं। 

लुकवासा मण्डी के समीप क्रोसिंग इसका प्रमाणित उदाहरण है आखिर समझ में नहीं आता कि माननीय मुख्यमंत्री जी इसतरह का घटिया काम कराकर क्या संदेश देना चाह रहे हैं। एक तरफ  लोकार्पण में जनता का करोडों रूपया खर्च कर रहे हैं, जिसमें दो करोड रूपए का तो लगभग टेंट था।

वहीं किसानों को उनके हक का मुआवजा और भावांतर तथा बीमा की राशि खाते में नहीं पहुंचाई जा रही। कोलारस के पूरनखेडी पर एम पी 33 निजी फोर व्हीलर पर टोल टैक्स वसूला जा रहा हैए जबकि यूपीए की कांग्रेस सरकार द्वारा गुना बायपास से गुजरने वाली एमए पी 08 गुना पास फोर व्हीलर वाहनों को टोल मुक्त रखा है, लेकिन भाजपा सरकार द्वारा जनहित में एमए पीए 33 टोल फ्री नहीं किया गया। 

अच्छा होता माननीय मुख्यमंत्री जी रोड का लोकार्पण करने से पहले शिवपुरी बायपास तथा गुना तक की रोड पर गाड़ी से चलकर देखते तो उनको हकीकत नजर आती कि इस रोड में कितना भ्रष्टाचार हुआ है और इस रोड की क्या गुणवत्ता है। कोई बात नहीं जनता 2018 में जवाब देगी। 
Share on Google Plus

Legal Notice

Legal Notice: This is a Copyright Act protected news / article. Copying it without permission will be processed under the Copyright Act..

0 comments:

-----------

analytics