सरकार ने मांझी समाज की मांगे नहीं मानी तो समाज 230 सीटों पर लड़ेगा विधानसभा चुनाव

शिवपुरी। मांझी समाज की जायज एवं संवैधानिक मांगों को प्रदेश सरकार ने यदि नहीं माना तो मांझी समाज आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 230 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़ा करेगी। उक्त चेतावनी संयुक्त मांझी जनजाति संघर्ष मोर्चा द्वारा सनराइज होटल में आयोजित पत्रकारवार्ता में दी। पत्रकारवार्ता में मांझी प्रकोष्ठ के सह संयोजक हरपाल मांझी, प्रदेश महामंत्री दुबे जी बाथम, प्रदेश संगठन मंत्री कल्याण सिंह मांझी और ग्वालियर के पार्षद मुन्नालाल बाथम उपस्थित थे। 

पत्रकारवार्ता में बताया गया कि मांझी समाज की मांगों को लेकर 14 जून को मांझी महाशक्ति प्रदर्शन भोपाल में आयोजित किया जा रहा है। जिसमें पूरे प्रदेश के  मांझी समाज के लोग लाखों की संख्या में लोग अपने हक और अधिकारों की लड़ाई में शामिल होंगे। 

पत्रकारवार्ता में भाजपा के मांझी प्रकोष्ठ के सह संयोजक हरपाल लोधी ने जानकारी देते हुए बताया कि मांझी समाज के प्रति सरकारों का रवैया अस्थिर रहा है। कभी समाज को जनजाति का लाभ दिया तो कभी उससे वंचित कर दिया गया। इस प्रकार समाज के प्रति लगातार नाटक नौटंकी की जा रही है जबकि यह समाज सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक मापदंडों पर आज भी गरीब है तथा जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। 

मांझी समाज की मांगों का जिक्र करते हुए श्री लोधी ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा कैबिनेट में पारित दिनांक 28 मार्च 1995 की प्यारेलाल कवर कमेटी में मांझी समाज को प्रतिनिधित्व दिया जाए। मांझी समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल करते हुए आरक्षण का लाभ दिया जाए। प्रदेश के वंशानुगत मछुआ वर्ग के लोगों को प्रदेश की मत्स्य पालन नीति में सिर्फ मछुआ वर्ग के व्यक्तियों को लाभान्वित करने के प्रावधान हों। इन्हीं मांगों को लेकर भोपाल मांझी महाशक्ति प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। 
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