गये थे लंका में दहन को, अपनी पूंछ जला बैठे | तात्या v/s सिंधिया

ललित मुदगल @एक्सरे/शिवपुरी। शिवपुरी की सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ है इस ऑडियो क्लिप में एक कांग्रेस नेता अपने ही दल के एक नेता को पटकनी देने का प्लान बना रहे है, लेकिन मामला उल्टा पड गया। नेताजी गए थे लंका दहन को और अपनी पूंछ जला बैठे। इस ऑडियो क्लिप में अमर शहीद तात्या को हथियार बनाकर पार्षद आकाश शर्मा पर वार किया गया लेकिन प्रहार सांसद सिंधिया पर हो गया। आईए इस पूरे मामले का शिवपुरी समाचार डॉट कॉम पर एक्सरे करते है। 

कहते है राजनीति में कोई सगा नही होता। आजादी के महानायक अमर शहीद की मूर्ति को हटाने को लेकर कांग्रेस पार्षद आकाश शर्मा की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए इस ऑडियो क्लिप में बार-बार सांसद सिंधिया का नाम लिया जा रहा है। आकाश शर्मा ने मूर्ति हटाने और लंबे समय तक मूर्ति के मरमम्त और रंग रोगन के समय पर सवाल करते हुए विरोध किया था। इस विरोध को एक कांग्रेस नेता ने सासंद सिंधिया का विरोध समझा है और इसी विषय की बातचीत पर उक्त ऑडियो वायरल हुआ है। 

वायरल ऑडिया में कांग्रेसी नेता का कहना था कि कांग्रेस नेता और पार्षद आकाश शर्मा के इस मामले को मीडिया में दम से प्रकाशित करवाओ, इस मामले से आकाश शर्मा को हीरो बना दो, जिससे सांसद सिंधिया नाराज हो जाए और आकाश शर्मा सांसद सिंधिया की गुड बुक से गायब हो जाए। 

इस पूरे मामले को मीडिया ने प्रकाशित किया लेकिन इस खबर का मूल उद्देश्य खबरों में नही आया। इस ऑडियो में स्पष्ट कहा जा रहा है कि महाराज, तात्या को पंसद नही करते है, इसी कारण ही आकाश शर्मा सांसद सिंधिया के नजरों से दूर होगें। 

बात एक आम है कि किस नेता को अपने कार्यकर्ता का कितना वजन देना है, लेकिन बात किसी जनप्रतिनिधि की एक अमर शहीद के विषय में हो तो आम नही हो सकती है। खासकर शिवपुरी के अमर शहीद तात्या टोपे में की हो और जनप्रतिनिधि शिवपुरी के ही हो। 

क्या सचमुच सासंद सिंधिया तात्या को पसंद नही करते
इतने हल्के तो नही हो सकते सांसद सिंधिया। इससे पूर्व ऐसे कोई संकेत सासंद सिंधिया की ओर से अभी तक नही दिखे है हालाकि ऑडियो में दावा किया गया है कि सांसद सिंधिया ने अभी तक आजादी के महा नायक तात्या टोपे को एक माला भी नही पहनाई। 

इन दोनो कांग्रेस के नेताओ की आपस की राजनीति में सांसद सिंधिया पर अप्रत्यक्ष रूप से एक आरोप लग गया कि वे अमर शहीद से दूर हैं। ऐसी बातें आम पब्लिक में चर्चा में आ चुकी है। इस पूरे प्रकरण में एक सवाल यह भी उठ रहा है कि शिवपुरी के कांग्रेस के नेताओं को यह भी ध्यान रखना होगा कि सांसद सिंधिया को कौन पसंद है और कौन नही है। सांसद सिंधिया का अब इस मामले में अपना पक्ष अवश्य रखना चाहिए। 

अब यह लिख सकते है कि उक्त नेताजी गए थे लंका दहन को, खुद की पूंछ जला बेठे, पार्षद आकाश शर्मा का तो पता नही पर कांग्रेस नेताजी अवश्य सांसद सिंधिया की गुडबुक से गायब हो जाऐंगे। 
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