शिवपुरी। बैसे तो कम बारिश के चलते पूरा जिला जल समस्या से झूझ रहा है परंतु शहर से सटे ग्राम रातौर में इन दिनों पानी की समास्या ने विकराल रूप ले लिया है। शिवपुरी से तीन किमी दूर स्थित ग्राम पंचायत रातौर में एक ओर किसान सूखे की मार से परेशान हैं वहीं जल संकट और बिजली संकट ने उनकी यातनाओं को और बढ़ा दिया है। रातौर की पेयजल योजना ठप्प हो चुकी है और सारे टयूबवैल दम तोड़ चुके हैं। रात-रात भर जागकर ग्रामीण दो-दो किमी दूर से किसी तरह दैनिक आवश्यकता की पूर्ति हेतु पेयजल ला रहे हैं। बिल अदा न करने के कारण विद्युत विभाग दो ट्रांसफार्मर उठा ले गया है जिससे रातौर में बिजली संकट गहरा रहा है और एक ट्रांसफार्मर से बिजली चिमनी की तरह जल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सूखे की मार से वह परेशान हैं ऐसी स्थिति में बिजली विभाग का बकाया वह कैसे जमा करें।
ग्राम पंचायत रातौर के अंतर्गत ग्राम रातौर की आबादी लगभग ढाई हजार है। इस गांव की समस्या के लिए जन प्रतिनिधि संवदेनशील नहीं है। यहां की जल आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु चार टयूबवैल थे, लेकिन जिनमें से तीन टयूबवैल दम तोड़ चुके हैं और अब एक टयूबवैल ही ग्रामीणों का सहारा बना हुआ है। पानी की इस अपर्याप्त व्यवस्था से पूरे गांव का गुजारा मुश्किल बना हुआ है। ग्रामीण रात रात भर जागकर दूर दूर से पानी ला रहे हैं। वहीं विद्युत विभाग दो ट्रांसफार्मर बकाया अदा न होने के कारण उठा ले गया है जिससे बिजली संकट भी गहरा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से रातौर की जल और विद्युत समस्या के निराकरण की मांग की है।
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