हवाई पट्टी और मुक्तिधाम के हाईडेंटों ने तोड़ा दम, शिवपुरी अब सिर्फ सिंध पर जिंदा

शिवपुरी। भले ही सिंध जलावर्धन योजना में गड़बड़ी को लेकर शहर में पब्लिक पार्लियामेंट द्वारा जल क्रांति सत्याग्रह चल रहा हो, लेकिन सच्चाई यह भी है कि इस भीषण गर्मी में शिवपुरीवासियों के लिए सिंध जीवन रक्षक साबित हुई है। सिंध नदी का पानी हालांकि घर-घर तक टोंटियों के सहारे नहीं पहुंचा है, लेकिन टंकियों और संपवैल में इतना पर्याप्त पानी आ गया है कि पेयजल परिवहन में कोई बाधा नहीं है। इस समय जबकि हवाई पट्टी और मुक्तिधाम के हाईडेंट लगभग दम तोड़ चुके हैं तब ऐसी स्थिति में सिंध शहरवासियों के लिए सहारा बनी हुई है। 

विगत वर्ष कम वर्षा होने के कारण इस बार गर्मी में भीषण पेयजल संकट के आसार नजर आ रहे थे। भूमिगत जल स्तर नीचे जाने के कारण टयूबवैल ओर हाईडेंट दम तोड़ रहे थे। हवाई पट्टी के पांच हाईडेंट और मुक्तिधाम के तीन हाईडेंटों के सहारे नगरपालिका पेयजल का परिवहन कर रही थी और उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के जरिए भेज रही थी। इन हाईडेंटों पर टैंकर भरने में लगभग एक घंटे से अधिक समय लगता था। नगरपालिका के 350 टयूबवैलों में से अधिकांश दम तोड़ चुके थे। 

ऐसे में सवाल यह था कि यदि हवाई पट्टी और मुक्तिधाम के हाईडेंट भी पानी देना बंद कर देते हैं तो शहर का क्या होगा। यह सोचकर मन में सिरहन होने लगती थी। ऐसी स्थिति में सिंध जलावर्धन योजना ही एक मात्र सहारा थी। तीन माह पहले सिंध का पानी शिवपुरी बायपास पर आ गया था, लेकिन उसके बाद प्रगति तो हुई नहीं बल्कि जो पानी बायपास पर आया था वह भी पाइप लाइन लीकेज होने के कारण पहुंचना बंद हो गया था जिससे नागरिकों के मन में घबराहट होने लगी थी कि इस गर्मी में उनका क्या होगा? टैंकरों के रेट भी 200-250 रूपए से बढक़र 400-450 रूपए तक पहुंच गए थे जिसका खर्चा उठाना गरीब जनता के लिए संभव नहीं था। 

चांदपाटा का जल स्तर भी घटता जा रहा था। ऐसी विकट स्थिति देखकर पब्लिक पार्लियामेंट ने आंदोलन भी शुरू कर दिया और सिंध जलावर्धन योजना की क्रियान्वयन एजेंसी दोशियान तथा दोषी अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही को लेकर दबाव बनने लगा, लेकिन मुख्य सवाल यह था कि शहर की जनता का क्या होगा। 

मड़ीखेड़ा से फिल्टर प्लांट और फिल्टर प्लांट से बायपास तक पानी छोड़ा जा रहा था, लेकिन लाइन लगातार लीकेज हो रही थी जिससे जनता का धैर्य कम होता जा रहा था, परंतु अंतत: बायपास तक पानी अच्छे प्रेशर से आया और टैंकर 3 से 4 मिनट में भरे जाने लगे। इसके बाद पोहरी रोड़ पर भी नगरपालिका ने हाईडेंट बनाया। इन दो हाईडेंटों से पेयजल संकट से जूझ रहे शिवपुरीवासियों को काफी हद तक मुक्ति मिली। 

संपवैल और पानी की टंकियां भरी 

सिंध का पानी आने से इससे जुड़ी हुईं पानी की टंकियां और संपवैल रोजाना भर रहे हैं और जल को प्रभावित इलाकों में सप्लाई किया जा रहा है। गांधी पार्क की टंकी से सैंकड़ों घरों को पानी सप्लाई किया जा रहा है। हालांकि जल उपभोक्ताओं ने दूषित पानी होने की अवश्य शिकायत की है। दोशियान सब्जी मंडी वाली टंकी और मनियर टोल टैक्स वाली टंकी को भी जोडऩे की तैयारी में है। 
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