मेरी बात सुनो, मैं निर्दोष हूं: यशोधरा राजे का भावनात्मक हमला

शिवपुरी। आज सर्किट हाउस पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक यशोधरा राजे सिंधिया ने अपने बचाव में नगरपालिका पर भावनात्मक हमला किया। उन्होंने तमाम दलीलें सामने रखीं और बताया कि किस तरह सिंध जलावर्धन योजना के मामले में उनकी कोई गलती नहीं है। वो खुद राजनीति का शिकार हो रहीं हैं। गुटबाजी के कारण जलावर्धन का पानी शिवपुरी तक नहीं पहुंच पा रहा है। 

दोष नगरपालिका का है, मढ़ा मुझ पर जा रहा है

निराशाजनक अंदाज में उन्होंने कहा कि काम नगरपालिका प्रशासन नहीं कर रहा, लेकिन दोष मुझ पर मड़ा जा रहा है। मुझे तो नगरपालिका ने हरा दिया। मेरा धैर्य कम होता जा रहा है। नगरपालिका की निष्क्रियता और अकर्मण्यता का दोष मुझ पर मड़ा जा रहा है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि वह जनता को बताएं कि गलती मेरी नहीं बल्कि नगरपालिका की है। 

मैं ही इंजीनियर, मैं सुपरवाइजर और मैं ही सुफाईकर्मी

पत्रकारों से चर्चा करते हुए यशोधरा राजे ने कहा कि मैं शहर तक सिंध नदी का पानी ले आई, अब क्या मेरा काम है कि सुपरवाइजिंग भी मैं करूं, इंजीनियर का काम भी मैं करूं, रिपेयरिंग भी मैं करूं, लाइन का मेंटीनेंस भी मैं करूं। सफाई कर्मचारी भी मैं बनूं तो फिर नगरपालिका अध्यक्ष का काम क्या है। सभी दायित्व मुझे ही दे दीजिए न। मुझमें क्षमता है, साहस है। 

नगरपालिका अध्यक्ष से पूछो, उनका काम क्या है

शिवपुरी की हालत देखती हूं तो मन दुखता है। रात 1 बजे जब यहां आती हूं और लोगों को लंबी-लंबी कतार में पानी भरते हुए देखती हूं तो मन में गुस्सा आता है, दु:ख होता है। आखिर नगरपालिका कर क्या रही है। अध्यक्ष का काम क्या है? पानी को लेकर बुलाती हूं तो आते नहीं है, अभी तक 6 मीटिंग कर चुकी हूं, लेकिन नपाध्यक्ष और उनकी कंपनी किसी भी मीटिंग में नहीं आई। परवारे मीटिंग करते हैं, पानी के नाम पर राजनीति करते हैं। 

मुझे सारे दायित्व दे दो, मैं कर लूंगी 

उन्होंने कहा कि नगरपालिका अध्यक्ष, विधायक, मंत्री सभी अंग होते हैं और सरकार के स्तम्भ हैं। सभी की अपनी-अपनी जिम्मेदारी है और जब सारी जिम्मेदारी मुझे उठानी है तो मुझे ही सारे दायित्व दें दो। वे क्यों पद पर बने हुए हैं। मुझमें क्षमता है, साहस है, मैं सभी जिम्मेदारियां निभाने को तैयार हूं। यशोधरा राजे ने कहा कि मैंने सोचा था कि गर्मी से पहले पानी की समस्या को हल कर लूं, लेकिन देर हो गई। इसलिए दु:ख होता है। 

कलेक्टर से बात करती हूं

यशोधरा राजे ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि पानी की टंकियां और संपवैल भर चुके हैं। लाइनों को जोडऩे का काम चल रहा है। ऐसी स्थिति में उन्हीं 10-11 वार्डों में पानी का परिवहन हो। जहां डिस्ट्रिब्यूशन लाइन नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मैं आज ही कलेक्टर से बात करूंगी। 

सिंध का पानी आ गया फिर क्यों जल संकट

यशोधरा राजे सिंधिया ने नगरपालिका को निशाना बनाते हुए कहा कि सिंध का पानी आने के बाद भी यदि जल संकट बना हुआ है तो इसके लिए नगरपालिका जिम्मेदार है। पानी के टैंकरों में क्या-क्या खिलावट हो रही है यह देखना भी क्या मेरा काम है। टैंकरों को पानी भरने के लिए हवाई पट्टी नहीं जाना पड़ रहा है। आधा रास्ता खत्म, लेकिन फिर भी जल संकट क्यों बना हुआ है। इशारे-इशारे में उन्होंने पानी के टैंकरों में हो रही चोरी का आरोप लगाया। 

प्रायवेट टैंकरों को फ्री में पानी क्यों

यशोधरा राजे सिंधिया ने नगरपालिका से मांग की कि वह प्रायवेट टैंकरों से कम से कम 100 रूपए से लेकर 200 रूपए चार्ज करें, क्योंकि वह भी तो टैंकर 400 रूपए से लेकर 600 रूपए में बेच रहे हैं हम क्यों उन्हें फ्री में पानी दें। 

हाईडेंटों और टयूबवैलों को दें रेस्ट

यशोधरा राजे ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देशित किया कि वह हवाई पट्टी स्थित हाईडेंट और नगरपालिका के टयूवबैलों को अभी रेस्ट दें। क्योंकि शहर में सिंध का पानी आ गया है और सिंध के हाईडेंट से टैंकर आसानी से भरे जा रहे हैं। यदि हम उन्हें रेस्ट देंगे तो उनमें कुछ समय बाद फिर से जल स्तर ऊपर आ जाएगा। 
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