शिवपुरी। अनुकंपा नियुक्ति न मिलने से नाराज बल्लू रावत द्वारा दो दिन पहले डीईओ परमजीतसिंह गिल का वाहन रोककर उन्हें गाली देने और नियुक्ति न देने की सूरत में जान से मारने की धमकी देने के मामले में 48 घंटे बाद भी फिजीकल थाने द्वारा एफ आईआर दर्ज नहीं किए जाने का मामला तूल पकड गया है। जब विभिन्न् कर्मचारी व शिक्षक संघों को इस बात की जानकारी लगी कि पुलिस ने अब तक डीईओ की रिपोर्ट पर एफ आईआर दर्ज नहीं की है तो संगठन लामबद्ध हो गए। सुबह करीब 11 बजे अध्यापक, संयुक्त मोर्चा ने एएसपी कमल मौर्य को ज्ञापन सौंपा और एफ आईआर तत्काल दर्ज करने की मांग रखी तो वहीं शाम 5 बजे अधिकारी.कर्मचारी संयुक्त मोर्चा सहित राजपत्रित अधिकारी संघ रैली के रूप में एसपी ऑफिस और ज्ञापन सौंपकर एफआईआर दर्ज करने की मांग एएसपी मौर्य के समक्ष रखी।
ऐसे तो काम करना मुश्किल हो जाएगा
सुबह करीब 11 बजे शासकीय अध्यापक संघ, राज्य अध्यापक संघ, संविदा शिक्षक संघ के नेतृत्व में डीपीसी कार्यालय पर शिक्षक एकत्रित हुए और एसपी कार्यालय पहुंचे जहां इन लोगों ने एएसपी कमल मौर्य से कहा कि विभाग के आला अधिकारी को खुलेआम धमकी देने के मामले में दो दिन बाद भी एफ आईआर तक दर्ज नहीं हुई है। अगर इस मामले में कार्यवाही नही की गई तो सभी कर्मचारी हडताल पर जाऐंगें।
आरोपित ने अब चालक पर लगाया रिश्वत मांगने का आरोप
इधर मामले में आरोपित बल्लू रावत का शुक्रवार को नया वीडिया वायरल हुआ है जिसमें वह पूर्व के आरोपों से इतर डीईओ के चालक पर नियुक्ति के एवज में 20 हजार रुपए मांगने का आरोप लगा रहा है।
बल्लू का कहना है कि न्यायालय के निर्देश के बावजूद बीईओ कार्यालय में उसकी फाईल लंबे समय तक अटकाए रखी गई और बाद में 7 साल की अवधि गुजरने का हवाला देकर नियुक्ति देने से इंकार कर दिया।
बता दें कि पूर्व में बल्लू ने विभाग के लेखापाल वृंदावन शर्मा पर नियुक्ति के एवज में 1 लाख रुपए लेने का आरोप लगाया थाए जबकि नए वीडियो में अब वह चालक पर डीईओ के नाम पर 20 हजार मांगने का आरोप लगा रहा है।
बयान के बाद करेंगे कार्रवाई
इधर मामले में एफआईआर को लेकर फिजीकल थाना प्रभारी विकास यादव का कहना है कि डीईओ के चालक के बयान ले लिए हैं। कुछ लोगों के बयान और शेष हैं। जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी। बल्लू रावत की ओर से मारपीट की कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।