शिवपुरी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी धीरज कुमार ने एक फैसले में पूर्व सरपंच बाइसराम चिड़ार को एक मासूम की कुए में डूबने से मौत के मामले में जिम्मेदार मानते हुए दो वर्ष के कारावास और दो हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी विशाल काबरा ने की। न्यायाधीश महोदय ने फैसले में लिखा है कि सरपंच ने पद पर रहते हुए अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया जिससे मासूम की मौत कुए मेें डूबने से हो गई।
अभियोजन की कहानी के अनुसार 27 अप्रैल 2012 ग्राम भदेरा के पूर्व सरपंच बाइसराम चिड़ार ने निर्मलनीर धारा के तहत कुआ बनाया था, लेकिन कुए में उन्होंने बाउण्ड्री नहीं कराई इस लापरवाही के कारण सोनू की पैर फिसलने से मौत हो गई। इस मामले में पोहरी पुलिस ने मामला दर्ज कर चालान न्यायालय में पेश किया जहां न्यायाधीश महोदय ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी को दोषसिद्ध ठहराया।

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