भोपाल। चुनाव आयोग ने शिवपुरी जिले के कोलारस में उपचुनाव के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़ब़ड़ी पाई थी। इस मामले में शिवपुरी कलेक्टर तरुण राठी लापरवाही के दोषी प्रमाणित पाए गए हैं। भोपाल में कांग्रेस ने दागी कलेक्टर को सस्पेंड करने की मांग की है लेकिन शिवपुरी में जिला कांग्रेस कमेटी, कोलारस विधायक यहां तक कि सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया चुप हैं। शायद तीनों ने अपने स्तर पर कलेक्टर को क्लीनचिट दे दी है।
मप्र की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का एक पत्र सामने आया है, जो उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव अनुज जयपुरियार को लिखा है। उन्होंने पत्र में लिखा कि गड़बड़ियों के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी यानि कलेक्टर तरूण राठी को दोषी पाया गया है। कांग्रेस ने नियमानुसार कार्रवाई की मांग करते हुए कलेक्टर को निलंबित करने की मांग की है।
यह मामला सुबह ही उजागर हो गया था परंतु जिला कांग्रेस कमेटी ने शाम तक एक बयान भी जारी नहीं किया। कोलारस विधायक महेन्द्र यादव तो जैसे किसी दूसरी दुनिया में व्यस्त हैं। चुनाव के दौरान भी वो सिंधिया लहर पर सवार थे, अब तक उनका खुमार नहीं उतरा है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस मामले में चुप हैं। आज उन्होंने शिवपुरी के जलसंकट को लेकर बयान जारी किया।
सिंधिया ने शिवपुरी की चांद पाटा झील में लगातार हो रहे पानी के रिसाव को रोकने के प्रॉजेक्ट एवं जीर्णोधर बाँध के लिए 6 करोड़ की राशि स्वीकृत की थी। आज उस कार्य का निरीक्षण किया। नीति आयोग की रिपोर्ट को आधार बनाकर शिवराज सरकार पर हमला भी किया परंतु इस मामले में उन्होंने 2 शब्द तक नहीं कहे।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।