कीचड में फंसी सिंध: योजना को बिजली का झटका, अब कर लो कट्टी इकठ्ठी

शिवपुरी। नगर के प्यासे कंठो की प्यास बुझाने वाली योजना सिंध जलवर्धन योजना अब कीचड में फंस गई है। इस कीचड में फंसी सिंध को देखने नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह मडीखेडा डेम पहुंचे। इस योजना को अपनी पूर्णता को लेकर लगातार झटके लग रहे है। इंटकवैल में फसी सिल्ट (कीचड़) को साफ करने के लिए इस योजना पर काम कर दोशियान कंपनी ने शिवपुरी नगर पालिका को 30 लाख का बिल फाड कर दे दिया है। 

दूसरा इस योजना का सबसे बडा दुश्मन वनविभाग ने अपने क्षेत्र से बिजली की लाईन ले जाने के लिए लगभग साढे पांच करोड रू की डिमांड कर दी है। आज से 72 दिन पूर्व मड़ीखेड़ा से सिंध का पानी शहर के वायपास तक पहुंच गया था। पानी पहुंचने पर उत्सव भी मनाया गया था। लेकिन आज तक पानी घरो तक नही पहुंच पाया,खबर आई की सिंध अब किचड में फस गई है। 

बताया गया कि मडीखेडा में वाटर लेवल कम होने के कारण इंटेकवेल में कीचड जम गया है। उसे साफ करने के लिए मुंबई से गोताखोर बुलाने पड़ेगें। इस सब पर करीब 30 लाख रुपए का खर्च आएगा। जब तक इंटेकवेल साफ नहीं हो जाता तब तक न तो पानी लाइन में आ सकेगा और न ही पानी घरो तक पहुंच पाऐगा। और इस किचड को साफ करने में 1 माह तक का समय लग जाऐगा। 

जलावर्धन को बिजली का झटका
इस योजना को इधर इस योनजा को एक ओर झटका तब लगा जब वन विभाग के अंतर्गत खूबत सहित डैम क्षेत्र में बिजली की 33 केव्ही लाईन विछाने के ऐवज में वनविभाग ने नगर पालिका अधिकारियों से 5 करोड 83 लाख की डिमांड रख दी है। 

प्रभारी सीएमओ को गोविंद भार्गव का कहना है कि नपा के पास अभी इतने रूपए वन विभाग  को देने को नही है। इस कारण वह ईएनसी के समक्ष भोपाल जा रही है। हां इस पेच पर को लेकर बातीचीत होगी और जो नतीजा निकलेगा उस पर नपा अमल करेंगी।

114 करोंड की योजना किचड में फस गई है। शहर में जल संकट खडा हो गया है। बार-बार सिंध आने के सपने दिखाए जा रहे है। इन हालातो को देखते हुए लगता है कि इस बार गर्मीयो में सिंध नही आऐगी। अब जनता से नम्र निवेदन है कि वह अपनी  कट्टी ईकठ्ठी कर ले। 
Share on Google Plus

About Bhopal Samachar

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

-----------