बड़ी खबर: बैंक मैनेजर ने फर्जी केस बनाकर हड़प लिए 68 लाख, मामला दर्ज

NEWS ROOM
0
कोलारस। जिले के कोलारस अनुविभाग के लुकवासा में स्थित मध्यांचल ग्रामीण बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक दीपक आठवले ने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर कार्यकाल के दौरान 54 खातों के फर्जी कागजात तैयार कर केसीसी के माध्यम से 68 लाख 84 हजार रूपए की राशि हड़प कर ली। जिसकी शिकायत जब बैंक प्रबंधन को मिली तो बैंक प्रबंधन ने मामले में प्रकरण दर्ज करने के लिए एक पत्र कोलारस थाना पुलिस को लिखा जिसकी जांच के बाद कल पुलिस ने आरोपी बैंक मैनेजर दीपक सहित उसके सहयोगी रामप्रकाश धाकड़ निवासी ग्राम झाड़ेल के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। मामले की जांच कोलारस टीआई अवनीत शर्मा द्वारा की गई।

कोलारस टीआई अवनीत शर्मा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 में दीपक अठावले ने शाखा प्रबंधक रहते हुए अपने 5 वर्ष के कार्यकाल में झाड़ेल के रहने वाले आरोपी रामप्रकाश धाकड़ के साथ फर्जी तरीके से 54 ग्रामीणों के नाम पर खाते खोले और उनके फर्जी कागजात तैयार कर उनके खाते पर केसीसी बना दी। जिसकी 68 लाख 84 हजार रूपए की राशि बैंक से आरोपीगणों ने हड़प ली। बाद में जब वर्ष 2016 में आरोपी दीपक का स्थानांतरण हुआ तो बैंक ने केसीसी धारकों को वसूली हेतु नोटिस जारी किए। 

तब उक्त ग्रामीणों ने बैंक शाखा से संपर्क साधा तो उन्हें ज्ञात हुआ कि उनके नाम पर केसीसी जारी की गई है जिसकी शिकायत सभी पीडि़तों ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों से की। बैंक द्वारा जांच करने पर पाया गया कि उक्त सभी केसीसी फर्जी है जिस पर बैंक प्रबंधन ने मामले में एफआईआर करने के लिए थाने में आवेदन दिया और कल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। 
Tags

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!