शिवपुरी। गर्मी में जब तक मिट्टी के मटके का पानी नहीं मिलता प्यास नहीं बुझती, लेकिन उस पर महंगाई का साफ असर दिखाई देने लगा है। बाजार में बिकने आए मटके पिछले साल की तुलना अधिक दाम में बिक रहे हैं। जो मटका पिछले वर्ष 80 रुपए का था वह इस बार 120 से लेकर 150 रुपए तक बिक रहा है।
मिट्टी के बर्तनों का निर्माण कर व्यवसाय करने वाले गनेशराम प्रजापति, रामदयाल प्रजापति, द्वारका प्रजापति ने बताया कि इस वर्ष मटकों के दामों में बढ़ोत्तरी का मुख्य कारण मिट्टी तथा लकड़ी के दामों में वृद्धि होना है।
पिछले वर्ष मटकों को पकाने के लिए लगाने वाले भट्टों के लिए लकड़ी 300 रुपए क्विंटल मिलती थी इस बार 400 से 450 रुपए क्विंटल मिल रही है। इसी प्रकार मटके बनाने के लिए मिट्टी की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है।
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