बड़ी खबर: आर्कषक फिगर पाने के शिवपुरी की युवतिया खेल रही है खतरनाक खेल

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विकास दंडोतिया/ शिवपुरी। मानव समुदाय में स्तन हमेशा से ही आकर्षण का केन्द्र रहे हैं। सुडोलए सुगठित, गुम्बदाकार स्तन पुरुषों की सर्वोच्च चाहत रही है और महिलाएं इसे बेहतर समझतीं हैं। इन दिनों शिवपुरी में युवतियां आकर्षक वक्ष पाने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं। वो झोलाछाप डॉक्टरों से मंहगा इलाज करा रहीं हैं और चौंकाने वाले परिणाम भी सामने आ रहे हैं परंतु एक और हतप्रभ कर देने वाला सत्य यह है कि आकर्षक स्तनों के इलाज के दौरान जिस इंजेक्शन का उपयोग शिवपुरी में किया जा रहा है वो मूलत: गाय, भैंसों में दूध की मात्रा को बढ़ाने के लिए बनाया गया था जो अब प्रतिबंधित हो गया है।

शिवपुरी सामाचार डाट कॉम के सूत्र बता रहे है कि यह धंधा शहर में तेजी से चल रहा है। पीटोसीन नामक इंजेक्शन में ऑक्टोसीन नामक ड्रग होता है जो हारमोन को तेजी से सक्रिय करता है और यह इंजेक्शन जनरल यूज होता है गाय और भैसो के थनों में। इस इंजेक्शन को गाय और भैसो के थनों में इंजेक्ट करने से दूध की मात्रा बढ़ जाती है। यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है इसलिए शासन ने इसे प्रतिबंधित कर दिया है बावजूद इसके शिवपुरी के कुछ डॉक्टर मोटी कमाई के लालच में यह इंजेक्शन युवतियों के स्तनों का आकार बढ़ाने के लिए कर रहे हैं।

यह पढ़ कर आप को आश्चर्य हो रहा होगा परंतु यह सत्य है शहर के झोला छाप डॉक्टर जो बंगाली के नाम से जाने वाले डॉक्टर और डिग्री के नाम पर झोलाछाप कह सकते हैं। यह डॉक्टर बिना डिग्री के ऑपरेशन जैसे बाबासीर और भगदंर और भी कई गुप्त बीमारियों के ऑपरेशन बडे.बडे बैनर और पोस्टर लगा कर कर रहै हैं और इन्होने नया धंधा भी शुरू किया है युवतियों के स्तन के साईज बढाने का। 

कैसे तैयार होती है युवतियां स्तनो के साईज प्लस करने के लिए
शिवपुरी शहर के अधिकांश नागरिकों को पेयजल के कारण पेट की खराबी की बीमारी अक्सर रहताी है, इस कारण यहां बाबासीर नामक बीमारी भी कई शहरवासियो को हो जाती है और इस बीमारी का ईलाज कराने अक्सर चांदसी अस्पतालों के नाम से मशहूर बंगाली डाक्टरों के यहां जाते है और ऑपेरेशन इस बीमारी का एक मात्र विकल्प है इस बीमारी से ग्रासित पुरूष या महिला ऑपरेशन डॉक्टर ही करते हैं।

अगर अवाविवाहित युवती यह ऑपरेशन कराने आती है और उसके स्तनो के आकार छोटा है तो वही डॉक्टर साईज बडा करने की प्रक्रिया की बातचीत कर लेता है और युवतिया भी आर्कषक फि गर पाने की चाह में आसानी से राजी हो जाती हैं। ऐसा नही की सिर्फ युवतिया ही ऐसा करा रही हैं। शादीशुदा महिलाए भी इन डॉक्टरो के जाल में फंस रही हैं।

दूसरा जारिया इन डॉक्टरो को माउथ पब्लिसिटी के सहारे भी ग्राहक मिल रहै है। बताया गया है स्तनो के आकार प्लस करने के दो हजार रूपये लिए जा रहे हैं जबकि यह पीटोसीन इंजेक्शन मात्र 2 रूपए का मिलता है। इसके डॉज में मल्टीबिटामिन का भी इंजेक्शन लगाया जा रहा है और एक माह तक चलने बाले इस ईलाज में साप्ताह में एक इंजेक्शन इंजेक्ट किया जा रहा है।

क्यो प्रतिबंधित किया है शासन ने पीटोसीन इंजेक्शन
पीटोसीन इंजेक्शन में आक्टोसीन नामक ड्रग होता है इसको भैंसों ओर गायों के थनो में इंजेक्ट किया जाता है इससे इनके हारमोनो मेें हलचल होने लगती है और इस कारण दूध की मात्रा बढ़ जाती है परन्तु इसके दुष्परिणाम भी शीघ्र ही सामने आने लगे इस ड्रग के कारण गाय भैसों का बांझ होने का खतरा होने लगता है और दूध भी जहरीला होने लगता है इस कारण शासन ने यह ड्रग प्रतिबंधित किया है। अब शिवपुरी सामाचार डांट कॉम के पाठक खुद विचार करें कि जब जानवरों पर इसका इतना घातक असर हो रहा है तो मानव शरीर पर यह कितना घातक होगाए कहीं आकर्षक स्तनों के लालच में महिलाएं बांझ तो नहीं होने जा रहीं।

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