बडी खबर: मृत महिला के खाते से एसबीआई के केशियर ने निकाले साढे तीन लाख

शिवपुरी। अभी-अभी खबर आ रही है कि जिले के नरवर नगर की एसबीआई की शाखा के मैनेजन ने एक मृत महिला के खाते से 3 लाख 41 हजार रू का आहरण कर लिया। बताया जा रहा है कि मृत महिला का पुत्र जब अपनी मां के खाते से पैसे निकालने गया तो उसके खाते से पैसे आहरण हो चुके थे। उसने बैंक प्रबंधन से बाचतीच की तो उसे कोई ठोस जबाब नही मिला। थक-हार कर उसने 181 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच के बाद बैंक के कैशियर के खिलाफ भादवि की धारा 420 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया। आरोपी ने मृतिका के जिंदा रहते उसके खाते से 2 लाख 96 हजार रूपए आहरण पर्ची पर अंगूठा लगाकर निकाले और उसकी मौत के बाद उसके खाते से 45 हजार रूपए निकाल लिए। 

मृतका मिट्टो बाई बाथम उम्र 50 वर्ष निवासी पीपलखाड़ी का खाता भारतीय स्टेट बैंक की नरवर शाखा में है जिसका खाता नम्बर 63012405462 है। उक्त खाते में मृतका की पेंशन आती थी, लेकिन बीमारी के कारण वह बैंक से रूपए निकालने में असमर्थ थी और इसी के चलते उसके खाते में 3 लाख 41 हजार रूपए की राशि एकत्रित हो गई और 29 सितम्बर 2017 को मिट्टो बाई बाथम की मृत्यु हो गई।

मृत्यु से पूर्व बैंक कैशियर धर्मपाल मीणा ने आहरण पर्ची पर अंगूठा का निशान लगाकर 2 लाख 96 हजार रूपए की राशि निकाल ली। उसके बाद मृतिका की मौत के बाद भी आरोपी ने उसके खाते से 45 हजार रूपए का आहरण कर लिया और दो साक्षी लखनलाल बघेल व मंगलसिंह को बनाया और उल्लेख किया कि इन दोनों के समक्ष मृतिका को निकाली गई रकम दी गई है।

मिट्टो बाई बाथम की मौत के बाद उसका पुत्र जगन्नाथ बाथम मां की मृत्यु की सूचना देने और उसके खाते की राशि निकालने पहुंचा तो उसे ज्ञात हुआ कि उसके खाते में कोई भी पैसा जमा नहीं है। जिसकी शिकायत उसने बैंक के मैनेजर से की। जिसकी बैंक ने छानबीन की तो बैंक के कैशियर धर्मपाल द्वारा राशि निकालने की बात ज्ञात हुई, लेकिन इसके बाद भी बैंक ने उसकी शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की। 

तब जगन्नाथ ने 181 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने मामले में छानबीन की और आरोपी जगन्नाथ पाल पर लगाए गए आरोप सत्य पाए जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया। 
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