वसीयत में टिकिट: महेन्द्र सिंह सबसे ताकतवर उम्मीदवार लेकिन इतिहास दे सकता है झटका

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सतेन्द्र उपाध्याय, शिवपुरी। कोलारस के विधायक रामसिंह यादव के निधन के बाद उनकी राजनैतिक विरासत संभालने को तैयार रामसिंह दादा के पुत्र महेन्द्र यादव को कांग्रेस से कोलारस विधानसभा टिकिट का प्रबल दावेदार माना जा रहे है। महेन्द्र सिंह क्षेत्रीय संसाद सिंधिया के करीबी माने जाते है।  

बताया गया है कि रामसिंह यादव का परिवार सिंधिया घराने का सबसे विश्वनीय परिवार है। या यू कह लो कि खतौरा में सांसद सिंधिया का घर है। दादा के निधन के चलते सहानभूति की लहर और  यादव समाज का सपोट महेन्द्र सिंह को इस चुनाव में सबसे विजयी प्रत्याशी मना जा रहा है। 

इसमें सबसे गौर करने बाली बात यह है कि इस क्षेत्र में 20 प्रतिशत मतदाता यादव समुदाय के है जो चुनाव की रूपरेखा तय करते आए है। अब इन्हें अगर यह लुभा पाते है तो यह सदन में जाने का रास्ता साफ कर पाएगे। हालांकि क्षेत्र में चल रहे सट्टा बाजार में कांग्रेस की स्थिति ज्यादा मजबूत बताई जा रही है। 

इन सभी बातो पर गौर करे कांग्रेस के उम्मीदवारो से सबसे ताकतवर उम्मीदवार है। मगर कुछ बातो जो इतिहास के पन्नो में दर्ज है,वे महेन्द्र सिंह के सर में दर्द करने वाली है। महेन्द्र सिंह शुद्व रूप से व्यापारी है। खतौर क्षेत्र को छोडकर पूरी विधान सभा में महेन्द्र सिंह ने जनता को फेस करके राजनीति नही की है। कांग्रेस अगर टिकिट देती है,तो यह मना जाए कि महेन्द्र सिंह को दादा की वसीयत में टिकिट मिला है। 

महेन्द्र सिंह का ब्याज के लेनदेन करते है। अभी हालियां समय में समाचार पत्रों की सुर्खिया बना मामला जिसमें इन्होंने खतौरा अनाज मंडी में बाउड्रीबॉल तोडकर अपने खेत के लिए रास्ता बना लिया था। यह इनकी पर्सनल इमेज का एक रूप है। 

एक परिहार समाज की जमींन से जुड़ा हुआ है। जिसमें कोर्ट की शरण लेने के बाद भी धनबल के चलते अपनी जमींन महेन्द्र सिंह से वापिस नहीं ले पाया और पलायन को मजबूर हो गया। आज भी महेन्द्र सिंह यादव रामगढ़ में राजस्व विभाग की जमींन सर्बें क्रमांक 1361 जो लगभग 250 बीघा है उस पर अतिक्रमण किए बैठे है। और इनकी दबंगई के चलते आज दिनांक तक कोई भी इन पर कार्यवाही करने की जहमत नहीं उठा पाया है। 

आदिवासीयों की जमींन भी हड़पी
इसी ग्राम रामगढ़ में शासकीय जमींन पर बने आलीशान फार्म हाउस के नजदीक करीब चालीस बीघा जमींन जो कि आदिवासीयों को पट्टे में मिली थी। इन आदिवासियो की जमीन पर अतिक्रमण करने के आरोप महेन्द्र सिंह पर आरोप है,अपने 

एबी रोड़ पर ईस्वरी गांव के नजदीक हाईवे अवैध रूप से आदिवासीयों की जमींन जो कि विक्रय से बर्जित थी को अपने सगें संबधियों के नाम करा दिया था। जिससे आदिवासी बोटर इस चुनाब में महेन्द्र सिंह को झटका दे सकते है। 

नोट- शिवपुरी समाचार कोलारस विधान सभा के उपचुनाव में टिकिट मांग रहे नेताओ की हर पहलू को प्रकाशित करता रहेगा। पाठको से निवेदन है कि वे प्रत्याशियो के विषय में सुझाव देना चाहते है तो 8959318001,9425750132 संपर्क कर सकते है। इसके अतिरिक्त जो प्रत्याशी चुनाव में टिकिट के दावेदारी कर रहा है वह भी अपना पक्ष रख सकता है। 
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