जुए के फड़ पर 11 जुआरी पकड़े, नेता जी की सिफारिश पर 10 को छोड़ा

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लुकवासा। जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर बीते कुछ समय से आरोपों पर आरोप लगते रहे है। भोपाल काण्ड के बाद भी पुलिस सुधरने का नाम नही ले रही। आज जो मामला सामने आया है वह चौकाने बाला है। इस मामले में पुलिस ने जुए के फड़ से 11 लोगों को दबौचा। उसके बाद एक नेताजी ने उक्त मामले में आरोपीयों की सिफारिश की। परंतु जो सामने आया वह चौकाने बाला था कि पुलिस ने उक्त लोगों पर कार्यवाही करने के बाद नेताजी के कहने पर छोड़ दिया। परंतु वही इसी मामले में एक युवक को पूरी रात हवालात में रखा। हद तो तब हो गई जब हवालात में बंद एक युवक की तबीयत विगड़ गई। इसकी तबीयत बिगड़ती देख पुलिस ने इलाज के लिए रूपए देकर भगा दिया। 

जानकारी के अनुसार रात्रि करीब 9 बजे पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कस्बे में भगवानलाल के मकान के पास दो अलग-अलग जुए के फड़ संचालित हो रहे हैं जहां बड़े स्तर पर जुआ चल रहा है। इस सूचना पर पुलिस ने बताए गए स्थान पर दबिश दी। जहां से पहले फड़ से दुर्गेश पुत्र नथूआ चंदेल, बृजेश पुत्र धनुआ पाल, रवि पुत्र कैलाश वंशकार, जाकिर पुत्र आसीन खान, खेरू पुत्र हरिसिंह रघुवंशी निवासीगण लुकवासा को गिरफ्तार कर उनके  पास से 25 हजार  रूपए जब्त कर लिए। लेकिन इस मामले में पुलिस ने 4200 रूपए की कार्यवाही की।

जबकि पास में ही चल रहे दूसरे फड़ से  सुभाष पुत्र रोशन धानुक, गोविंद पुत्र भूरा जाटव, अनिल पुत्र हरवीर गोस्वामी, राजेश पुत्र फोसू जाटव, परमार पुत्र भोगीराम रजक निवासीगण लुकवासा को पकडक़र उनकी तलाशी ली तो उनसे 3550 रूपए मिले। जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने ले आए।

उसके बाद प्रांरभ हुआ फिल्मी ड्रामा। इस घटनाक्रम के बाद एक नेताजी चौकी पहुंचे। जहां नेताजी ने जुए में पकड़़े 10 लोगों को नेताजी के कहने पर छोड़ दिया। परंतु एक युवक बृजेश पाल को पुलिस अपने साथ पूरी रात चौकी में रखे रही। उसके बाद दूसरे दिन पुलिस ने सभी आरोपीयों को न्यायालय में पेश किया तो आरोपी बृजेश पाल को कोर्ट परिसर में ही चक्कर आ गए। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी पुलिस का मन नहीं भरा और उक्त आरोपी को फिर चौकी ले आई। जब युवक की लगातार हालात विगडऩे लगी तो पुलिस बैक फुट पर आ गई और रात्रि में लगभग 7 बजे उक्त आरोपी को इलाज के लिए 2 हजार रूपए थमाकर भगा दिया। 
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