फतवे के खिलाफ गए आदिवासियों को जूते की माला पहनाकर गांव में घुमाया, देखे VIDEO

0
सतेन्द्र उपाध्याय/मुकेश रघुवंशी/शिवपुरी। जिले के बदरवास थाना क्षेत्र के खरैह ग्राम पंचायत से खबर आ रही है कि समाज के द्वारा जारी किए गए शराब बंदी के फतवे के खिलाफ गए 3 आदिवासियों को आदिवासी समाज ने सर मुडवां कर जूतों की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया। बताया गया है कि गांव के आदिवासी समाज ने गावं में शराब बंदी की घोषणा की थी। जो भी व्यक्ति गांव में शराब का सेवन करेगा उसे 11 हजार रुपए जुर्माना से दंडित किया जाऐगा। पीड़ित तीनों आदिवासियों ने जुर्मना अदा नहीं किया अत: उन्हे समाज से बहिष्कृत कर दिया गया और मुंडन के साथ जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया। 

जानकारी के अनुसार बीते कुछ दिनों से शिवपुरी में पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाण्डे का प्रयास चल रहा है कि ज्यादा से ज्यादा लोग शराब का बहिष्कार करें। जिसके चलते कई गांवों में संयुक्त रूप से शराब बंदी का निर्णय लिया।

इसी निर्णय के तहत ग्रामीणों ने तय किया कि गांव में शराब पीकर आने पर पंचायत को 11 हजार रूपए का अर्थदण्ड देना होगा। बीते रोज गांव के ही विक्रम आदिवासी, कोटू आदिवासी और सतीश आदिवासी गांव में शराब पीकर आ गए। जिसपर पूरे गांव में पंचायत ने फैसला लिया कि  उक्त तीनों युवकों पर 11-11 हजार रूपए का जुर्माना वसूला जाए।
पंचायत के फैैसले के तहत तीनों युवक रूपए इक्कठा कर पंचायत के इस फरमान का पालन नहीं कर पाए तो पंचायत ने फैसला लिया इनका सामाजिक बहिष्कार करें। जिसपर पंचायत ने इन तीनों युवकों का सामजिक बहिष्कार करते हुए अधूरा मुण्डन कर जूतों की माला पहनाकर ढोल नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला गया। 

इनका कहना है-
आपके द्वारा बताया गया है यह मामला गंभीर है। पीड़ित अगर आवेदन करेंगे तो माननीय आयोग की और कार्यवाही हेतु भेजा जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो हम मामले को दिखवाते है और उक्त मामले को आयोग के पास भेजते है। 
आलोक एम इंदौरिया, जिला संयोजक मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग

शराब बंदी के तहत अगर इस तरह की हरकत ग्रामीणों ने की है तो वह गलत है। मैं मामले को दिखबा लेता हूं। 
सुनील कुमार पाण्डे,पुलिस अधीक्षक शिवपुरी। 

Post a Comment

0Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!