शिवपुरी। ड्यूटी तो सभी करते हैं लेकिन अपने काम से एक कदम आगे बढ़ कर जो काम करे वो ही विशेष योग्यता कहलाती है। ऐसा ही कुछ काम गोपालपुर के थाना प्रभारी अरुण भदौरिया कर रहे हैं। अरुण ने इन दिनों अपने थाना क्षेत्रों में आदिवासी महिलाओं और पिछड़ी जाति की महिलाओं को एक फिल्म दिखा रहे हैं। ये फिल्म है टॉयलेट एक प्रेम कथा।
अरुण का कहना है कि इस फिल्म को दिखाने का मकसद है कि महिलाएं चाहें तो पल भर में हम स्वच्छता अभियान और खुले से शौच से मुक्ति पा सकते हैं। इसलिए साफ-सफाई की शुरुआत घर से ही होती है ऐसे में इस फिल्म को गांव- गांव में जाकर महिलाओं को दिखाया जा रहा है।
इस सिनेमा में कहानी की नायिका की शादी एक गांव में होती है जहां शौचालय ही नहीं है। जिस घर में उसकी शादी होती है वहां भी शौचालय नहीं होता है इसे बाद उसका संघर्ष अपने घर में शौचालय बनवाने के लिए शुरु होता है। अब तक अरुण भदौरिया 10 से ज्यादा शो ग्रामों में चला चुके हैं।
इनका कहना है-
फिल्मों की बात जल्द समझ में आती है। लोगों पर फिल्मों का असर जल्दी छाप छोड़ता है। इस फिल्म में महिला ने संघर्ष कर अपने पति को शौचालय बनवाने के लिए मजबूर कर दिया था। इसका असर यह हुआ कि गांवों में 10 से ज्यादा लोग शौचालय बनवाने के लिए मटेरियल ले आए हैं।
अरुण भदौरिया, थाना प्रभारी गोपालपुर
पुलिस की नैतिक शिक्षा

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