300 दिन तक लाश की शिनाख्त नही कर सकी अपनी पुलिस: राजस्थान पुलिस ने ट्रेस कर दिया अंधा कत्ल

NEWS ROOM
0
शिवपुरी। आज से लगभग 10 माह पूर्व एक अज्ञात लाश शिवुपरी की देहात थाना क्षेत्र में पुलिस को फोर लाईन पर मिली थी। लाश की शिनाक्त न होने के कारण पुलिस ने उसे दफना दिया। अब खबर आ रही है कि राजस्थान की कोटा पुलिस ने इस लाश की पहचान करते हुए इस मामले को ट्रेस कर लिया है। इस युवक की हत्या मात्र 2 हजार के लिए सर में गोली मार कर की गई थी। शिवपुरी पुलिस पूरे 300 दिन में इस लाश की शिनाख्त नही कर सकी इस खबर में यह एक महत्तवपूर्ण पहलू है। जानकारी के अनुसार 10 महीने पहले नवंबर माह में शिवपुुरी के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत सुरवाया के निकट फोरलेन किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिला था। देहात पुलिस ने पीएम के बाद केस दर्ज किया था, लेकिन लाश की पहचान न होने के चलते शव को दफना दिया गया। 

10 महीने बाद शिवपुरी से 250 किमी दूर कोटा की गुमानपुरा पुलिस ने मारपीट के एक मामले में आरोपी गौरव उर्फ गौरू उर्फ जितेन्द्र पुत्र छितरलाल यादव को गिरफ्तार किया और पूछताछ की तो आरोपी ने 10 महीने पहले शिवपुरी ले जाकर अपने ही दोस्त अजरुद्घीन की गोली मारकर हत्या करना स्वीकार कर लिया। 

यह खुलासा होने के बाद कोटा एसपी अंशुमन भौमिया ने शिवपुरी एसपी सुनील पांडे से संपर्क किया और सोमवार को पुलिस ने एसडीएम के आदेश के बाद दफनाए गए शव को निकलवाया। इस दौरान डॉक्टरों के पैनल में डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अनूप गर्ग व एफएसएल प्रभारी डॉ. एचएस बरहादिया सहित नायब तहसीलदार रोहित रघुवंशी, टीआई सतीश चौहान, एसआई अजय जाट, एसआई प्रियंका पाराशर, एसआई कृपालसिंह राठौर मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने कंकाल परिजनों के सुपुर्द कर दिया है, साथ ही डीएनए टेस्ट भी कराया जा रहा है।

ऐसे खुला अंधे कत्ल का रहस्य
इसी महीने 11 अगस्त को कोटा के गुमानपुरा थाना क्षेत्र में यादवों के मोहल्ले में रहने वाले 50 वर्षीय वकील हेमराज पुत्र नंदकिशोर यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि किराना की दुकान से सामान लेते समय आरोपी गौरव ने उस पर चाकू से बार किए। इस दौरान कुछ अन्य लोग वहां आ गए, जिसके बाद गौरव वहां से भाग गया। पुलिस ने केस दर्ज कर गौरव को बल्लभवाड़ी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। 

इससे पहले गौरव के साथ रहने वाले 28 वर्षीय अजरुद्घीन की गुमशुदगी 5 जनवरी को अजरुद्घीन की मां खातून ने दर्ज कराई थी। गिर तार गौरव से पुलिस ने उसके इस दोस्त के बारे में पूछा तो गौरव सकपका गया। इस पर पुलिस को कुछ संदेह हुआ। स ती से पूछताछ की गई तो गौरव ने अजरुद्घीन की हत्या करना स्वीकार कर लिया।

महज 2 हजार रुपए के लिए की थी हत्या
कोटा पुलिस के एएसआई श्रवण कुमार की मानें तो पुलिस पूछताछ में गौरव ने बताया कि अजरुद्घीन उसका दोस्त था। अक्टूबर 2016 में अजरुद्घीन ने गौरव के घर जाकर शराब के नशे में उधार के 2 हजार रुपए मांगे थे। इस दौरान उसने गौरव से मारपीट भी की थी। 

इसी रंजिश के चलते गौरव ने अजरुद्घीन से 3 नवंबर 2016 को शिवपुरी में एक मकान से कब्जा हटाने के लिए मदद का बहाना बनाया और दोनों बाइक से शिवपुरी आए। यहां गौरव ने अजरुद्घीन को पहले जमकर शराब पिलाई और फिर उल्टी आने का बहाना बनाकर हाइवे किनारे बाइक रुकवाई और पीछे से सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।

क्या पीएम रिपोर्ट में नहीं आई थी गोली 
पुलिस ने इस अज्ञात लाश का पीएम कराकर शिनाक्त नहीं होने की स्थिति में इस शव को दफना दिया था। परंतु यह बात समझ से परे है कि जब इस लाश का पीएम हुआ था तो पीएम रिपोर्ट में गोली नहीं आई क्या........? अगर आई तो फिर पुलिस ने इस मामले में हत्या का मामला दर्ज कर इस मामले को सुलझाने का प्रयास क्यो नही किया गया......................

Tags

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!