
जानकारी के अनुसार फरियादी कल्ली सैन पुत्र मक्खू सैन उम्र 38 साल, अपने भाई मनीराम के साथ थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 8 अप्रैल को लगभग 10:30 बजे वह अपने जानवरों को पानी पिलाने निकल रहा था। तभी पुरानी रंजिश के चलते रामदयाल, बाईसराम यादव,विक्रम यादव, बंटी यादव आए और मुझ से बोले की यह जगह खाली कर दो यह हमारी जगह है। जमीनी विवाद को लेकर दोनों पक्षों में मुंहबाद एवं गालीगलौंच हुई।
कुछ समय बाद यह गालीगलौंच मारपीट में बदल गई। फरियादी कल्ली ने बताया है कि बाईसराम ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया। रामदयाल और बंटी ने उसे डंडों से पीटा तथा विक्रम ने उसे जमीन पर पटक दिया। मेरे चिल्लाने पर उसका भाई मनीराम, रीना बाई आ गई। हमला बर मौका देखकर भाग निकले। भागते समय चिल्लाते जा रहे थे कि यदि घर बेचा तो जान से खत्म कर देंगे। पीडि़त कल्ली सैन यादव दबंगों के भय से घर छोडक़र इधर उधर शरण लिए हुए। पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद भी पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है।