
मंदिर के पुजारी राजहंस भगत ने जानकारी देते हुए बताया कि की माँ के दरबार मे जो श्रदालु सच्चे मन से अपनी मनोकामनाएं मांगते है वो श्रदालु इस दरबार से कभी भी खाली हाथ नहीं पहुचते। हर बार मेले में हजारो की तादाद में श्रदालु आते है जिनकी बैठने और खाने पीने की उचित व्यवस्थाये रहती है। आगामी 10 अप्रैल को विशाल मेले का आयोजन किया जा रहा है जिसमे पुलिस की व्यवस्था भी की गई है।