समाज और राष्ट्र प्रेम के कर्तव्यों का बोध कराते हैं शिविर: डॉ. उमा जैन

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शिवपुरी । राष्ट्रीय सेविका समिति का आवासी व्यक्तित्व विकास शिविर का समापन सरस्वती विद्यापीठ में संपन्न हुआ। समापन समारोह की मु य अतिथि डॉ. श्रीमती उमा जैन ने अपने उदबोधन में कहा कि भारत माता को गुलामी से मुक्त कराने के लिए महिलाओं ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। 

उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र प्रेम के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराने के लिए राष्ट्रीय सेविका समिति द्वारा समय-समय पर लगाये जाने वाले प्रशिक्षण शिविर आज की महती आवश्यकता है।

 मु य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय सेविका समिति ग्वालियर की नगर कार्यवाहिका श्रीमती मनीषा ताई इन्द्रापुरक ने सारगर्भित उदबोधन में एक ओर जहां समिति के उद्देश्य और कर्तव्यों के बारे में विस्तार से बताया। वहीं महिलाओं का राष्ट्र समाज और संस्कृति की रक्षा के लिए किस प्रकार योगदान हो सकता है। 

इसके बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना परम पूज्य डॉ. केशव बलिराम हेडगेबार द्वारा की गई थी, लेकिन महिलायें भी राष्ट्र के लिए अपना योगदान दें। इसके लिए राष्ट्रीय सेविका समिति की स्थापना की गई थी। 

इस अवसर पर वर्ग की सर्वाधिकारी मेघा ताई ने  5 दिवसीय शिविर के दिनचर्या के बारे विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि स्वयं की प्रेरणा से स्वयं राष्ट्र, स्वयं धर्म, स्वयं संस्कृति का बोध कराने के लिए लगाए गए शिविर में आठ स्थानों से 38 बहिनों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। 

शिविर में सर्वांगीण विकास के लिए सेवा, संगठन, शक्ति, देश हमें देता है आदि विषय रखे गए। कार्यक्रम के शुभारंभ से पूर्व मु य अतिथि श्रीमती उमा जैन, मु य वक्ता  मनीषा ताई इन्द्रापुरक, मेघा एवं शिवपुरी की जिला कार्यवाहका श्रीमती स्नेहलता सिंघल ने भारत माता एवं राष्ट्रीय सेविका समिति की संस्थापक के चित्र पर माल्यार्पण किया।

 तत्पश्चात जिला कार्यवाहिका श्रीमती स्नेहलता सिंघल ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया तत्पश्चात प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बहिनों ने दण्ड, योग, व्यायाम तथा एकलगीत  सहित अन्य कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी।   
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