शिवपुरी। शिवपुरी के प्यासे कंठो के लिए एक राहत भरी खबर है कि नेशनल पार्क के जिन पेड़ो ने शिवपुरी के कंठ सूखा और पूरी की पूरी योजना को बंद करा दिया था। उनकी गिनती शुरू हो चुकी है,बताया जा रहा है कि पेड़ो की गिनती के बाद बंद पड़ी सिंध जलावर्धन योजना का शुरू हो सकता है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी रणवीर कुमार आश्वस्त हैं कि कंपनी पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है, लेकिन धरातल की सच्चाई यह भी है कि दोशियान कंपनी ने काम अवश्य शुरू कर दिया है।
परन्तु न तो उसका तकनीकी स्टाफ और न ही कोई प्रोजेक्ट मैनेजर यहां आया है। दोशियान कंपनी का कार्यालय एक तरह से खाली पड़ा हुआ है और ले देकर देवेन्द्र विजयवर्गीय ही पेड़ों की गिनती में लगे हैं।
वहीं संबंधित ठेकेदारों के भुगतान के विषय में भी दोशियान कंपनी ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। जिससे ठेकेदार काम करने के अनिच्छुक नजर आ रहे हैं।
सिंध जलावर्धन योजना में नगर पालिका और राज्य शासन की तरफ से मौजूद सारी बाधायें हट चुकी हैं। दोशियान को अग्रिम भुगतान करने का प्रस्ताव कैबिनेट ने पारित कर दिया है। वहीं नेशनल पार्क क्षेत्र की अनुमति की बाधा भी हट गई है। साथ ही नगर पालिका और दोशियान के बीच पूरक अनुबंध भी संपादित हो चुका है।
गेंद अब दोशियान कंपनी के पाले में हैं और इस दिशा में पहल करते हुए नेशनल पार्क क्षेत्र में पेड़ों की गिनाई का काम शुरू कर दिया गया है। सीएमओ कहते हैं कि अभी इस काम में दो-तीन दिन और लगेंगे। लेकिन काम की शुरूआत की तैयारी दिखाई नहीं दे रही।
नेशनल पार्क क्षेत्र में हार्डरौक तोडऩे के लिए मशीनों का इंतजार चल रहा है। एक ठेकेदार ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दोशियान कंपनी हमारी पूर्व राशि का भुगतान कर दे तो हम एक दो दिन में ही मशीन हम मंगवा लेंगे, लेकिन दोशियान कंपनी भुगतान नहीं कर रही।
केपी कंस्ट्रक्शन कंपनी को 35 लाख रूपए दोशियान से लेना हैं। बताया जाता है कि कंपनी ने काम शुरू करने के लिए प्रथम किस्त के रूप में पांच लाख रूपए की मांग की जिसे भी दोशियान ने पूरा नहीं किया है।
ऐसी स्थिति में बड़ा सवाल यह है कि सिंध जलावर्धन योजना का कार्य कैसे आगे बढ़ेगा और क्या जनता को एक बार फिर से पानी का ल बा इंतजार करना पड़ेगा।
9 मई को रक्षित दोशी के शिवपुरी आने की उम्मीद
बताया जाता है कि दोशियान कंपनी ने संबंधित ठेकेदारों से पहले बिना भुगतान लिये काम शुरू करने की बात कही। लेकिन जब ठेकेदार तैयार नहीं हुए तो उनसे कहा गया कि वह अहमदाबाद आ जाऐं यहां बात कर ली जाएगी।
परन्तु ठेकेदारों को दोशियान पर भरोसा नहीं हुआ और उन्होंने जाने में असमर्थता जाहिर कर दी। इस पर ठेकेदारों से कहा गया कि पहले वह अपने बिल अहमदाबाद कार्यालय में भेज दें और 9 मई को दोशियान कंपनी के संचालक रक्षित दोशी शिवपुरी आकर उनका भुगतान कर देंगे। देखना यह है कि दोशियान कंपनी का यह बायदा पूरा होता है अथवा नहीं।