शिवपुरी। जनमानस की समस्याओ के तत्काल निकारण के लिए प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की थी कि प्रत्येक मंगलवार को जिला और तहसील स्तर पर जनता की जनसुनवाई की जाऐगी। इस मंगलवार की जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट में अधिकारी गायब रहे और कलेक्टर सिर्फ गायब अधिकारियों को आवाज लगाते रहे।
मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टरए एडीएम और डिप्टी कलेक्टर तो बैठे लेकिन महिला बाल विकास अधिकारी और पीएचई जैसे महत्वपूर्ण विभागों से कोई नहीं आया। जिसके बाद कलेक्टर ने पास में बैठे डिप्टी कलेक्टर सीबी प्रसाद से अनुपस्थित अफसरों को नोटिस देने के आदेश दिए।
कलेक्टर के इस आदेश के बाद जहां महिला बाल विकास विभाग की अफसर ममता चतुर्वेदी तो दोपहर डेढ बजे बाद कलेक्टर सभागार में पहुंच गई जबिक पीएचई से तो कोई आया ही नहीं। स्थिति ये रही कि जन सुनवाई में जनता तो थी लेकिन उनकी सुनने के लिए संबंधित विभाग के अफसर जनसुनवाई से नदारद थे।
जन सुनवाई में पानी से लेकर राजस्व संबंधी कई शिकायतें आईं लेकिन अफसरों के न होने की वजह से कलेक्टर ही अफसरों को बुलाने के लिए आवाज लगाते रहे।