अमर शहीद तात्या टोपे मेला: बोए बीज बबूल के, आम कहां से होए

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शिवपुरी। अमर शहीद तात्याटोपे के बलिदान दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय मेले के दूसरे दिन 19 अप्रैल को देवास के श्री कालूराम बामनिया एवं उनके साथियों द्वारा लोक एवं कबीर गायन की प्रस्तुति दी। 

श्री बामनिया एवं उनके साथी कलाकारों ने बाधयंत्रो के साथ कबीर के पद एवं भजनों और कबीरबाणी की आकर्षक प्रस्तुति दी। जो दर्शको को सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने अपने भजनों एवं कबीर वाणी के माध्यम से बताया कि सभी महापुरूष आपस में भाईचारे, सद्भावना एवं मैत्रिता की प्रेरणा देते है। जिनसे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।

स्वराज संस्थान संचालनालय भोपाल म.प्र.शासन संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन शिवपुरी द्वारा कलेक्टर श्री राजीव दुबे के मार्गदर्शन में जिला मु यालय पर तात्याटोपे समाधि स्थल पर चल रहे तीन दिवसीय शहीद मेले के दूसरे दिन देवास से आए श्री कालूराम बामनिया एवं उनके साथियों ने संत कबीर की विचारधारा पर केन्द्रित पदो एवं भजनों की प्रस्तुति दी। प्रस्तुति के पूर्व उन्होंने गुरू बंदना करते हुए गुरू के महत्व को बताया। 

श्री बामनिया ने अपने साथियों के साथ कबीर की बाणी ''बीज बोए बबूल के, आम कहां से खाएÓÓपर श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया। ''अब पछताए से का होत है, जब चिडिय़ा चुग गई खेतÓÓ की भी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन श्री गिरीश मिश्रा ने किया। 
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