कैसे होगा ग्राम उदय जब ऑनलाईन व्यवस्था ध्वस्त

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शिवपुरी। मध्य प्रदेश में कुछ चिंहित जिलों को ई डिस्टिक घोषित किया गया था। जिसमेें शिवपुरी जिले को ाी यह दर्जा प्राप्त हुए वर्षो बीत गये। वरिष्ठ अधिकारियों की घोषणा के बाद ाी जिला व तहसील सहित सभी ग्रामीण अंचलों में ऑनलाईन प्रक्रिया पस्त पड़ी हुई है। 

शिवपुरी जिले की आठों तहसीलों सहित नगरीय क्षेत्र में बटवारा, नामांतरण ऑनलाईन संपादित नही हो पा  रहे है। जिससे इन कार्यो में कई प्रकार की कागजी गलतियां दे ाने को मिल रही है। 

वंही ऑनलाईन काम होने से ा्रष्टïाचार पर ाी काफी हद तक अंकुश लग सकेगा इसी क्रम में ग्राम पंचायतों मेें ाी नामांतरण ,बटवारा सहित अन्य राजस्व संबंधित कार्य संपादित होना चाहिये त ाी ग्राम स्वराज का सपना साकार हो सकेगा। ग्राम स्वाराज स्थापना के लिए राजीव गांधी ने कई प्रयास किये किन्तु पूर्ण रूप से यह अवधारणा साकार नही हो सकी। 

ग्राम उदय से ाारत उदय ाी इस अवधारणा की एक कड़ी कही जा सकती है। पंचायती राज्य अधिनियम पारित हुये कई वर्षो बीत गये है। किन्तु ग्राम पंचायतों की करोडों की राशी सरपंचों और सचिवों ने हजम कर ली। निर्माण के नाम पर जो तस्वीर सामने आनी चाहिये थी। 

वह अत्यंत दु ाद करने वाली है। वर्तमान में ग्राम पंचायतों के हालात यह है कि समय पर ग्राम स ााओं का आयोजन ाी नहीं हो रहा है वहीं ग्रामीण लोगों को नेट सुविधा मुहैया कराने के लिए ग्राम पंचायतों को क प्यूटर एवं एल ई डी सहित इन्वेंटर प्रदान किए गए थे। 

वह किसी ाी ग्राम पंचायत में दे ाने को नहीं मिल रहे है। जिससे ग्राम वासियों को पंचायत स्तर पर चल रही योजनाओं की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। ग्राम उदय से ाारत उदय अ िायान की पहल ग्राम पंचायतों को हाईटेक बनाना है। जिसके चलते इस कार्यक्रम में स पूर्ण वि ाागीय अमला को लगा दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों को इस अ िायान की विशेष जि मेदारी सौंपी गई है। 

अ िायान को सफल बनाने के लिए ला ाो रूपये ाी ार्च किये जा रहे है। किन्तु ग्राम पंचायत स्तर पर विगत 10 वर्षो में इतनी योजनाऐं चलाई गई है कि अधिकारियों को ाी उनकी जानकारी नहीं है। प्रत्येक योजना में सरपंच सचिवों द्वारा शासकीय राशी को हजम किया गया है। 

लेकिन वसूली एवं कार्यवाही के नाम पर कोई विशेष कदम वि ाागीय अधिकारियों द्वारा नहीं उठाया गया। हालाकि में कोलारस,बदरवास जनपद पंचायत के अन्तर्गत आने बाली 10 पंचायतो तक ला ाों रूपये के गमन की ाबर प्रकाशित की गई थी। किन्तु किसी ाी सरपंच सचिव पर आज दिनांक तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। 

इन सब को दे ा कर अंदाजा लगाया जा सकता है। कि ग्राम उदय से ाारत उदय ाी शादिकारी अ िायान के तरह कुछ दिन चार्चाओ में रह कर अतीत के पन्नो में दबा रह जाएगा। 

क्योंकि ााजपा शासन में अ िायान के नाम पर गरीब जनता को तस्वीर तो हमेशा रंगीन बताई जाती है लेकिन उसका परिणाम काला ही निकलता है। यदि ग्राम उदय से ाारत उदय अ िायान को सफल बनाना है तो शासन का पूरा फोकस स ाी शासकीय प्रक्रियाओं को ऑनलाईन करने में होना चाहिये। 
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