शिवपुरी। शिवपुरी। खबर आ रही है कि शिवुपरी में दूध डेयरी विक्रेता दूध को जहरीला बना रहे हैं। यह दूध इतना खतरनाक है कि 50 से अधिक आयुवर्ग के बुजुर्ग यदि नियमित दूध का सेवन करें तो उन्हें हार्टअटैक तक आ सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी है, परंतु महीना बंधा है इसलिए कोई कार्रवाई नहीं होती।
बताया गया है कि कलेक्ट्रेट से चंद कदम की दूरी अस्पताल चौराहे और अन्य कई दूध डेयरियों पर दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए उसे जहरीला बनाया जा रहा है। खाद्य विभाग साल में एकाध बार छापामार कार्यवाही करता है परन्तु दुध के सैंपल नही भरता आज तक किसी भी डेयरी संचालक पर दूध की गुणवत्ता को लेकर मामला दर्ज नही हुआ है।
सामान्य लैब में नहीं हो सकती पहचान
सिंथेटिक दूध में 50 प्रतिशत शुद्घ दूध मिला होता है और 50 प्रतिशत दूध में कपड़ा धोने का पाउडर, यूरिया, रिफाइंड, दूध पाउडर मिलाते हैं। इससे सिंथेटिक दूध तैयार हो जाता है। सिंथेटिक दूध सामान्यत: पकडने में नहीं आए, इसके लिए मल्टोज और सर्वीटॉल नामक पाउडरनुमा पदार्थ मिलाते हैं। इन पदार्थों को मिलाने के बाद यह दूध शुद्घ दूध की तरह स्वादिष्ट हो जाता है। खास बात यह है कि इस दूध में सामान्य लैब में कमी नहीं मिलती है, जबकि यह दूध जहरीला होता है।
स्वास्थ्य के लिए है खतरनाक
दूध में यूरिया और डिटर्जेंट मिला होने से लीवर खराब हो जाता है। इससे पेट की बीमारियां होने लगती हैं। दूध में रिफाइंड होने से शरीर में फैट बड़ता है। इसके कारण सीधे दिल पर असर पड़ता है और श्वास संबंधी बीमारी हो जाती है। दूध में केमिकल होने से शरीर में कमजोरी उत्पन्न हो जाती है। शारीरिक विकास रुक जाता है।
शरीर में कमजोरी आती है
सिंथेटिक दूध पीने से शरीर में कमजोरी आती है। साथ ही याददाश्त कमजोर हो जाती है। पेट संबंधी बीमारी होने लगती हैं। शरीर में झनझनाहट महसूस होती है। पैरालिसिस भी हो सकता है।
.डॉ.ए के मिश्रा