पिटाई का डर+अपहरण की कहानी= दिन भर चक्कर घिन्नी पुलिस और मीडिया

Updesh Awasthee
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शिवपुरी। कल दोपहर को उस समय शिवपुरी पुलिस का दिन में तारे नजर आने लगे जब जल मंदिर मैरिज हाऊस से 3 नाबालिग बच्चियों के अपहरण की सूचना पुलिस के वायरलेस सेट पर गूंजने लगी। इस सूचना पर पुलिस और मिडिय़ा भी दिन भर चक्करघिन्नी होती रही। और अपहरण की कहानी झूठी निकली। 

कहानी के मुताबिक दोपहर 1 बजे शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के जल मंदिर मैरिज हाउस से 3 नाबालिग लड़कियों को एक मारुति वैन में डालकर 3 नकाबपोश बदमाश ले उड़े और उन्हें ग्वालियर बायपास पर बने एक बड़े कोठीनुमा मकान में बंद कर भाग गए। 

किसी तरह तीनों बच्चियां उस मकान की खिड़की से निकल कर बाहर आईं और अपने घर पहुंच कर सारी कहानी परिजन को बताई इसके बाद तीनों बच्चियों को लेकर परिजन पुलिस के पास पहुंचे। यह वो कहानी है जो अगवा की गईं साहिबा पुत्री सईद निवासी घोसीपुरा उम्र 10 साल कक्षा 4 साहिला पुत्री सईद निवासी घोसीपुरा कक्षा 5 उम्र 12 और इनके पडौस में रहने वाली आलीसा उम्र 12 ने पुलिस को सुनाई। 

इसके बाद पुलिस तीनों लड़कियों के बताए गए पते ठिकानों को 4 घंटे तक तलाशती रही। लेकिन न तो बदमाश मिले और न ही तीनों लड़कियों द्वारा बताई गई जगह। कहानी जांच पड़ताल के दौरान हकीकत के आसपास भी नहीं पहुंची। 

इसके बाद जब पुलिस ने स ती से पूछा तो तीनों ने बताया कि उन्हें शादियों में खाना खाने का शौक है और गुरुवार को भी घर से बिना बताए खाना खाने आ गईं। घर पर मार न पड़े इसलिए उन्होंने इस मन गडंत कहानी को रचा है। 

एसडीओपी जीडी शर्माएटीआई कोतवाली संजय मिश्रा सबसे पहले तीनों बच्चियों को जल मंदिर हाउस के उस स्पॉट पर ले गए जहां से बच्चियों ने खुद को अगवा होना बताया। 

उसके बाद पुलिस उन्हें उस जगह ले गई जहां से बच्चियों ने बदमाशों द्वारा उन्हें एक कोठी में बंद करना बताया लेकिन वो तीनों उस कोठी को पहचान भी नहीं पाई। 

पुलिस ने जल मंदिर मैरिज हाउस पर पूछताछ की तो पता चला कि बच्चियों के द्वारा बताई गई जगह पर न तो कोई कार खड़ी थी और न ही कोई नकाबपोश बदमाश किसी ने वहां देखे। 

बाद में पुलिस ने तीनों को अलग-अलग ले जाकर जब घटना स्थलों का मुआयना कराया तो घटना स्थल बदलते चले गए। और कहानी भी अलग-अलग हो गई। 

इनका कहना है कि 
घर पर पिटाई लगती थी कि बिना बुलाए शादियों में खाना खाने क्यों गईं। इसलिए अपने अपहरण का नाटक रच दिया। इसलिए तीनों ने अपने अपहरण की झूठी कहानी तैयार की। 
संजय मिश्रा, टीआई कोतवाली 
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