ललित मुदगल@एक्सरे/शिवपुरी। कल शाम तक डीपीसी शिरोमणि दुबे ने अपनी शक्ति लगाने के बाद भी अपना निलबंन नही रूकवा सके और अत: उन्होने अपनी नकामी झुपाने का प्रयास करते हुए कर्मचारी सगठंनो को ढाल बनाते हुए अपने पक्ष ओर सरकार के खिलाफ प्रेस नोट भी जारी कर बागी भी हो गए है।
आज से चार दिन पूर्व दिनाक 28 नबंवर को स्कूल शिक्षा मंत्री पारस जैन के शिवपुरी दौर के समय और मकरारा में एक स्कुल के भवन के लोकार्पण समारोह के दौरान मंच से अपने आप को समर्पित कार्यकर्ता बताया था।
और अपने संघ के कार्यकर्ता होने के नाते गर्व भी महसूस हो रहा है ऐसा शिरोमणि दुबे ने अपने श्रीमुख से कहा था उनका यह उद्वोधन शिवपुरी की नेतानगरी और सरकारी गलीयारो से लेकर मिडिय़ा में छाया रहा था।
लेकिन इस उद्वोधन को 48 घटें भी नही गुजरे उससे पहले ही एक दलित छात्रा को मंत्री महोदय के स्वागत में घंटो भूखा खडा कर दिया और वह बेहोश हो गई। यह स्वागत करना शिरोमणि दुबे को महंगा पडा और वे इस मामले में निलबिंत हो गए।
कल दिन भर वह भोपाल बल्लभ भवन में अपनी संघ की शक्ति का प्रयोग करते रहे परन्तु संघशक्ति काम नही आई, शाम को खबर भी आ गई कि उनका अटैचमैंट डीडी ऑफिस कर दिया है और निलबंन नही रूका है।
अपना निलबंन नही रूकते देख शिरोमणि दुबे सरकार के खिलाफ ही आ गए । शिरोमणि दुबे के समर्थन में भोपाल से कर्मचारी सगठंनो ने शिरोमणि दुबे के पक्ष में पे्रसनोट जारी कर दिए और इस दलित छात्रा के बेहोश होने को दोष मंत्री महोदय पर ही मढ दिया।
पढिए वह प्रेस नोट जो जारी हुआ है
भोपाल। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष जीतेन्द्र सिंह ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी शिवपुरी परमीजीत सिंह गिल, जिला परियोजना समन्वयक शिरोमणी दुबे, एवं छात्रावास वार्डन श्रीमती रेखा वर्मा को शासन ने आज जिला शिवपुरी में स्कूली छात्रा के बेहोष होकर गिर जाने की घटना के चलते निलंबित कर दिया।
विदित है कि जिला शिवपुरी में शिक्षा मंत्री पासर जैन का दौरा था। शिक्षा मंत्री के स्वागत के लिये स्कूली छात्रायें फूलों के गुलदस्ते लेकर खडी थी। मंत्री जी के आगमन में काफी विलम्ब होने के कारण एक छात्रा बेहोश होकर गिर पड़ी। मीडिया में जब यह खबर छपी की मंत्री के इंतजार करते करते छात्रा बेहोश होकर गिरी तो सरकार ने अपनी किरकीरी को बचाने के लिये सारा ढीकरा शिवपुरी के शिक्षा विभाग के इन तीन अधिकारियों पर ढोलते हुए ताबडतोड में इन्हें निलंबित कर दिया।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष जीतेन्द्र सिंह एवं मोर्चा के घटक संगठनों के पदाधिकारी अरूण द्विवेदी, एल.एन. कैलासिया, भुवनेष पटेल, वीरेन्द्र खोंगल,एस.बी. सिंह, लक्ष्मीनारायण शर्मा,एम.पी. द्विवेदी, एम.के. सक्सेना, के.पी. एस. परिहार, अषोक शर्मा, महेन्द्र शर्मा, आदि ने उक्त अधिकारियों को निलंबित किये जाने का विरोध कर इसे शासन की सस्ती लोकप्रियता का हथकण्डा बताया । मोर्चा के नेताओं ने शासन पर आरोप लगाया कि जिला दतिया के दोषी कलेक्टर को हटाने में दो माह का समय लगा एवं मोर्चा को आंदोलन करना पड़ा वही निर्दोष अधिकारियों को बिना जांच किये हटा दिया गया जो न्यायोचित नही है । मोर्चा के पदाधिकारियों ने मांग की है कि उक्त तीनों अधिकारियों को तुरन्त बहाल किया जायें अन्यथा मोर्चा आगामी रणनीति बनाकर आंदोलन के लिये बाध्य हो सकता है।
