न्यायालय का आदेश: इंश्योरेंस कंपनी दे चोरी गए मोबाइलों की 3 लाख 90 हजार रूपए

Updesh Awasthee
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शिवपुरी। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष श्री एके वर्मा और सदस्य श्रीमती अंजू गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा कंपनी ओरियन्टल  इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया कि वह अपने उपभोक्ता को उसके चोरी गए मोबाइलों की 3 लाख 90 हजार रूपये की राशि अदा करे। 

 साथ ही उक्त राशि पर परिवाद प्रस्तुत करने के दिनांक 9 अक्टूबर 2012 से बीमा कंपनी को 6 प्रतिशत साधारण ब्याज भी उपभोक्ता को देना होगा। यदि बीमा कंपनी ने दो माह में बीमा दावे का निराकरण कर देय राशि का भुगतान उपभोक्ता को नहीं किया तो उसे परिवादी को उक्त राशि के भुगतान होने तक 9 प्रतिशत वार्षिक दर से साधारण ब्याज भी देना होगा। 

उपभोक्ता प्रकरण और अभिभाषक व्यय ढाई हजार रूपये भी बीमा कंपनी से प्राप्त करने का अधिकारी होगा। इस मामले में उपभोक्ता की ओर से पैरवी अभिभाषक अजय जैन ने की। 

परिवादी सुधीर जैन अपने प्रतिष्ठान रिजु मोबाइल स्टोर गुरूद्वारा चौक का प्रोपराइटर है एवं नोकिया तथा सैमसंग मोबाइल हैंडसेट का वह विक्रेता है। परिवादी ने ओरियन्टल इंश्योरेंस कंपनी से दिनांक 24 अक्टूबर 2011 को समस्त कंपनियों के मोबाइलों का बीमा कराया था जिसकी कीमत 4 लाख 50 हजार रूपये निर्धारित की गई थी। 

उक्त बीमा 24 अक्टूबर 2011 से 23 अक्टूबर 2012 तक प्रभावशील था। उक्त बीमे की प्रीमियम राशि परिवादी सुधीर जैन द्वारा बीमा कंपनी को भुगतान कर दी गई थी। दिनांक 11-12 जनवरी की दर यानी रात को सुधीर जैन प्रतिष्ठान रिजु मोबाइल स्टोर से नोकिया कंपनी के 74 एवं सैमसंग कंपनी के 6 मोबाइल चोरी चले गए जिसकी रिपोर्ट 12 जनवरी को कोतवाली में दर्ज की गई और चोरी की सूचना बीमा कंपनी को भी दे दी गई। 

बीमा कंपनी के सर्वेयर ने सर्वे किया जाकर पुलिस रिपोर्ट कोर्ट से निकाल ली गई। इस मामले में अंतिम रिपोर्ट भी बीमा कंपनी को 17 अगस्त 2012 को दे दी गई। बीमा कंपनी ने  बताया कि वह बीमित राशि का चैक पंद्रह दिवस में परिवादी को प्रदान कर देंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। 

परिवादी का तर्क है कि ओरियन्टल इंश्योरेंस कंपनी ने सेवा में गंभीर त्रुटि कर अनुचित ट्रेड प्रेक्टिस की जा रही है। परिवादी ने उपभोक्ता फोरम से बीमित राशि 3 लाख 90 हजार रूपये, मानसिक एवं शारीरिक कष्ट की क्षतिपूर्ति हेतु 40 हजार रूपये एवं प्रकरण व्यय के रूप में 5 हजार रूपये दिलाए जाने की मांग की गई थी। 

उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी की आपत्ति को नहीं माना
बीमा कंपनी ने उपभोक्ता फोरम में अपने अभिभाषक के माध्यम से दलील पेश की कि उसके द्वारा अभी तक बीमा दावे का निराकरण नहीं किया गया है। इस कारण परिवादी द्वारा प्रस्तुत परिवाद अपरिपक्व होने से निरस्त किए जाने योग्य हैं। 

निराकरण क्यों नहीं हुआ इसकी भी जानकारी देते हुए बीमा कंपनी ने फोरम में कहा कि उपभोक्ता से मोबाइलों का आईएमईआई नंबर जो पंद्रह डिजिट का होता है वह देने के लिए कहा गया, लेकिन उसने आज दिनांक तक उक्त नंबर नहीं पहुंचवाए। परिवादी जानबूझकर चोरी गए मोबाइलों के आईएमईआई नंबर नहीं दे रहा। 

ऐसी दशा में वह चोरी किए गए मोबाइलों को वह पुन: विक्रय कर सकता है। इस आपत्ति को निरस्त करते हुए उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष श्री एके वर्मा और सदस्य श्रीमती अंजू गुप्ता ने स्पष्ट किया कि बीमा पॉलिसी के अवलोकन से स्पष्ट है कि उक्त पॉलिसी द्वारा 4 लाख 50 हजार रूपये की कीमत तक समस्त प्रकार के मोबाइल के संबंध में होने वाली क्षति की भरपाई हेतु वचन दिया गया था। 

उक्त पॉलिसी में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है कि बीमा कंपनी द्वारा ली गई जोखिम किसी विशिष्ट आईएमईआई नंबर के मोबाइलों के संबंध में थी। इस निष्कर्ष के साथ उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी की आपत्ति को निरस्त कर दिया। 
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