शिवपुरी। बच्चो को तम्बाकू और धूम्रपान की लत से दूर रखने के लिए प्रदेश सरकार ने हाई और हायर सेकेण्डऱी शिक्षण संस्थान के सभी शिक्षको को शिक्षण सस्ंथान के अंदर तम्बाकू और धूम्रपान का सेवन करने पर रोक लगा दी है। शिक्षण संस्थान के मेन गेट और मुख्य स्थानो पर तंबाकू मुक्त शिक्षा संस्थान के स्लोगन लिखने के आदेश भी दिए है।
ग्लोबल यूथ टोबैको द्वारा किए गए एक सर्वे में यह सामने आया है कि भारत में 13 से 15 साल की उम्र के 14 प्रतिशत से अधिक बच्चे तंबाकू की लत का शिकार हैं ऐसे में बच्चों को तंबाकू की पहुंच से दूर रखने सहित युवाओं और बच्चों में तंबाकू उत्पादों के बडते उपयोग को रोकने के लिए शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान घोषित करने की कवायद शुरू की है।
इस कवायद के क्रम में सभी हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूलों के अंदर सभी तलों एवं मु य संस्थानों पर यह स्लोगन लिखना होगा कि धूम्रपान और तंबाकू का सेवन संस्थान में प्रतिबंधित है यह शिक्षा संस्थान तंबाकू मुक्त शिक्षा संस्थान है अब यदि स्कूलों में कोई भी शिक्षक तंबाकू या सिगरेट का सेवन करते हुए मिले तो उनके ऊपर कार्रवाई की गाज गिरना तय है इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों को स त निर्देश जारी कर दिए हैं।
आगामी 15 दिन के भीतर 31 मई को मनाए जाने वाले विश्व तंबाकू निषेध दिवस के पूर्व सभी हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूलों को अपने स्कूलों में तंबाकू मुक्त शिक्षा संस्थान के स्लोगन लिखवाने होंगें।
अब यदि स्कूलों सौ गज के आसपास किसी भी दुकानदार ने तंबाकू या सिगरेट बेची तो उक्त विक्रेता के खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ-साथ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
