शिवपुरी। सिद्धेश्वर वाणगंगा मेले में कल रात कवि सम्मेलन का रंगारंग कार्यक्रम हुआ, वहीं बीती रात लोकगीत कलाकारों द्वारा मेला रंगमंच पर प्रस्तुत प्रस्ततियों ने समां बांधा। कार्यक्रम में हरनाम सिंह नरवरिया एण्ड कंपनी द्वारा बुंदेलखण्डी लोककला एवं लोकनृत्य का शानदार कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों को बांधे रखा।
सिद्धेश्वर वाणगंगा मेले के रंगमंच पर रात 10 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह एवं सीएमओ कमलेश शर्मा सहित पार्षदगणों ने गणेश जी की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कलाकारों का स्वागत अध्यक्ष सहित उपस्थित पार्षदगण भानू दुबे, पवन शर्मा, हरिओम नरवरिया, विष्णु राठौर सहित अन्य पार्षदों ने किया। लोकगीत व लोकनृत्य में श्रृंगारदानी क्यों टूटी हाय दैया दैया, मोरे खेत में आलू ही आलू ससुर बोले लोभी हाय दैया दैया, गोरी कतरा न मार गोरी कतरा न मार, हमतो गली के गैलारे जैसे लोकगीतों में जनता बंधी रही।
इसके अलावा राई नृत्य में लीला दिखा रही करीला के मेला में चलो दर्शन के लाने, बुन्देली फाग दिखाओ न तन को विकट परेशान हूं, अभी नि:संतान हूं आज भी हूं और कल भी रहूंगा ने भी मन मोहा। इसके पश्चात 100 साल पहले मुझे तुमसे प्यार था..., मां का खुला दरबार है आज भी है और कल भी रहेगा की जोरदार प्रस्तुति देखने को मिली।


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