शिवपुरी। जनपद अध्यक्ष पद के चुनाव में कोलारस और पिछोर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को उल्लेखनीय सफलता हासिल हुई है। कोलारस विधानसभा क्षेत्र की दोनों जनपद पंचायतों कोलारस और बदरवास में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस ने कब्जा हासिल किया है जबकि पिछोर विधानसभा क्षेत्र की जनपद पंचायत खनियांधाना में भी कांग्रेस का परचम फहराया है।
कोलारस में शगुन बाई जाटव, बदरवास में मिथलेश यादव और खनियांधाना में प्रहलाद सिंह यादव निर्विरोध रूप से अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए हैं।
कोलारस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को लगातार सफलता हासिल हो रही है। विधानसभा के बाद लोकसभा और फिर नगर पंचायत चुनाव में कांग्रेस का वर्चस्व लगातार बना रहा। यह सिलसिला जनपद पंचायत चुनावों में भी जारी रहा।
कोलारस में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस विधायक रामसिंह यादव की सुपुत्री मिथलेश यादव निर्विरोध रूप से अध्यक्ष बनने में सफल रही। खासबात यह थी कि अध्यक्ष पद की दौड़ में भाजपा कभी शामिल नहीं हो सकी और सिर्फ यह तय होना था कि विधायक रामसिंह यादव की सुपुत्री मिथलेश यादव या उनकी नातिन नेहा यादव में से कौन अध्यक्ष बनेगा।
इस तरह से अध्यक्ष पद रामसिंह यादव का पारिवारिक मामला बनकर रह गया था। ऐसी स्थिति में रामसिंह यादव ने निर्णायक भूमिका निभाते हुए अपनी पुत्री मिथलेश यादव की उ मीदवारी तय कर उनकी जीत सुनिश्चित की। वहीं जनपद पंचायत कोलारस में भी कांग्रेस की शगुन जाटव निर्विरोध अध्यक्ष बन गईं जबकि खनियांधाना में विधायक केपी सिंह के विश्वस्त प्रहलाद यादव जनपद अध्यक्ष बनने में सफल रहे।
कोलारस में विवाद, सीमा ने कहा मुझे नहीं लडऩे दिया चुनाव
जनपद पंचायत कोलारस का अध्यक्ष पद का चुनाव निर्विरोध संपन्न हो गया, लेकिन वार्ड क्र. 13 से जीती जनपद सदस्य सीमा बेडिय़ा ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि नामांकन फार्म भरने में उनकी मदद नहीं की गई। सीमा बेडिय़ा ने कहा कि वह चुनाव लडऩा चाहती थी और उनके पास समर्थक एवं प्रस्तावक भी थे, लेकिन अनपढ़ होने के कारण वह फार्म नहीं भर पा रही थीं इस पर उन्होंने अधिकारियों से नामांकन फार्म भरने को कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया।
इसके बाद सीमा बेडिय़ा और उनके समर्थकों ने माहौल को गरमाने की कोशिश की, लेकिन एसडीएम का कहना था कि नामांकन फार्म भरना उनका काम नहीं। उन्होंने श्रीमती बेडिय़ा से कहा कि वह चाहें तो इसकी अपील कलेक्टर के यहां कर सकती हैं।
