हारने के बाद लोकतंत्र की दुहाई देती भाजपा

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शिवपुरी। ग्राम पंचायत से लेकर केन्द्र सरकार तक तमाम तरह के छल कपट करके चुनाव जीतती आई भाजपा को जब जिला पंचायत चुनाव में करारा झटका लगा तो लोकतंत्र की दुहाई देने लगी।

एक्सपाइरी डेट के बाद भी भाजपा में रिन्युअल ले आए जिलाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने बयान जारी किया है। जिला अध्यक्ष का कहना है कि इस हार से भाजपा का मनोबल अवश्य कमजोर हुआ है, लेकिन पार्टी हार की समीक्षा करेगी और यह देखेगी कि भाजपा नेताओं के परिजन जो जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते थे उन्होंने भाजपा प्रत्याशी श्रीमती कृष्णा रामस्वरूप रावत को मत क्यों नहीं दिया।

भाजपा जिलाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने बताया कि हमें भरोसा था कि कांग्रेस को समर्थन दे रहे चार जिला पंचायत सदस्यों का सहयोग भाजपा उम्मीदवार को मिलेगा। इस बात का आश्वासन भी उन्होंने दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, बल्कि भाजपा का एक जिला पंचायत सदस्य खिसककर कांग्रेस के साथ चला गया।

यह तो पता नहीं चला कि पार्टी के किस जिला पंचायत सदस्य ने क्रॉस वोटिंग की है जब उनसे पूछा गया कि पराजित प्रत्याशी कृष्णा रावत के पति रामस्वरूप रावत ने जिला पंचायत सदस्य इंदर सिंह मोगिया पर शंका जाहिर की है तो जिलाध्यक्ष ने कहा कि वह इस बारे में सुनिश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकते, लेकिन इंदर सिंह की भावभंगिमा से रामस्वरूप ने अनुमान लगाया होगा।

यह भी बताया गया कि इंदर मोगिया कांग्रेस के विजय जुलूस में शामिल हुआ। इससे भी वह शंका के घेरे में है। जब उनसे पूछा गया कि भाजपा तो लड़ाई मतदान के पूर्व ही हार गई थी, क्योंकि भाजपा प्रत्याशी कृष्णा रावत के साथ उन सहित कुल सात सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे थे जबकि कांग्रेस प्रत्याशी कमला यादव के समर्थन में कुल 15 सदस्य वोटिंग के लिए गए थे।

इस पर श्री रावत ने कहा कि हमें आशा थी कि कांग्रेस के साथ गए चार जिला पंचायत सदस्य हमारे पक्ष में मतदान करेंगे। श्री रावत ने रामस्वरूप के उस बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा का एक गुट मिथलेश बघेल को टिकट देना चाहता था और जब श्रीमती बघेल को टिकट नहीं मिला तो वह अपने साथ दो अन्य सदस्यों को भी ले गई।

बकौल रणवीर रावत, रामस्वरूप हमारे पुराने वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं और उनके परिवार के जब दो सदस्य जिला पंचायत का चुनाव जीते हैं तो टिकट पर उनका अधिकार पहले बनता है। यह बात सत्य है कि मिथलेश बघेल ने टिकट की मांग की थी और कुछ लोगों ने उनकी पैरवी भी की थी, लेकिन टिकट पर मिथलेश बघेल से अधिक कृष्णा रावत का अधिकार बनता है इसलिए उन्हें टिकट दिया गया।

रणवीर रावत ने यह भी बताया कि दो जिला पंचायत सदस्य भगवती रावत और पूनम कुशवाह के परिजन भाजपा कार्यकर्ता हैं, लेकिन वह किन परिस्थितियों में कांग्रेस के साथ रहीं इसके लिए उनके परिजनों से पूछताछ की जाएगी।

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