शिवपरी। पिछोर विकासखंड अंतर्गत बामौरकलां क्षेत्र के पांच गांव एवं पिछोर के तीन गांव में शुक्रवार को आसमान से सफेद गोलिया बरसी और देखते ही देखते खेत में खडी फसलो की हत्या हो गई।
दोपहर तीन बजे बामौरकलां में अचानक बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में कस्बे से लगभग दस किमी दूर कीदरखेडी, सुलारखुर्द, सुलारकलां, निबोदा एवं सुलार में बिना बारिश के ओलों की बौछार शुरू हो गई। पच्चीस मिनिट तक लगभग 50 ग्राम से अधिक वजन के ओलों ने खेतों की खडी फ सल को तहस-नहस कर दिया।
वही शुक्रवार की शाम पांच बजे पिछोर के ग्राम गजौरा, रमपुरा व अडजार में हल्की बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने से सरसों एवं गेहूं की फसलों को नुकसान कर दिया।
ओलों की मार इतनी जबर्दस्त थी कि ग्राम सुलारखुर्द में रहने वाले जाखूलाल यादव की पाटौर पर रखीं पत्थर की पटियां तक टूट गईं। गांव में बने गरीबों के टपरों में बडे बडे छेद हो गए। ओलावृष्टि के दौरान गरीब मजदूर जहां अपने कमजोर आशियानों को बचाने में लगे रहे, वहीं किसान ने जब अपनी बिछी हुई फ सल को देखा तो उसके आंसू निकल आए।
600 हेक्टेयर फसल को नुकसान
बामौरकलां के पांच गांव एवं पिछोर के तीन गांव में लगभग 600 हेक्टेयर गेहूं व सरसों की फ सल को नुकसान हुआ है। दोनों ही फ सलें पक कर तैयार हो गईं थींए जिन पर ओला गिरने से उनकी फ लियां बिखर गईं। फसलों में लगभग 70 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान बताया जा रहा है। जबकि किसान का कहना है कि हमारा तो सब कुछ बर्बाद हो गया।
हुई टीम रवाना कर दीं
पिछोर के कुछ गांव में ओलावृष्टि हुई है। यह खबर मिलते ही हमने राजस्व टीम को मौके पर नुकसान का आंकलन करने के लिए रवाना कर दिया है। जब उनकी रिपोर्ट आएगीए तब यह बता पाएंगे कि फ सलों को कितना नुकसान हुआ है।
मुकेश शर्मा, एसडीएम पिछोर

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।