शिवपुरी। करैरा से लगभग 12 किमी दूर स्थित ग्राम बगेधरी में कल मतदान के दौरान हुए उपद्रव में एएसआई सहित पुलिसकर्मियों और पुलिस वाहन चालक के घायल हो जाने के मामले में पुलिस ने ग्राम बगेधरी के पूर्व सरपंच एवं भाजपा नेता सुरेन्द्र दुबे सहित 19 लोगों पर बलवा सहित संगीन धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बगेधरी के मतदान केन्द्र क्रमांक 93 शासकीय विद्यालय परिसर में कल सुबह पंचायत चुनाव के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस के वाहन को रोककर उसमें बैठे एएसआई भूरा सिंह गुर्जर सहित आरक्षक कौशल कुमार, राजकुमार और पुलिस वाहन चालक पूरन जादौन पर पथराव कर दिया था।
साथ ही पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर आरोपियों ने मतदान कार्यक्रम में बाधा उत्पन्न की थी। वहीं थाने का घेराव कर रास्ते को जाम कर दिया था जिस पर पुलिस ने वाहन चालक पूरन सिंह जादौन पुत्र हरनाम सिंह जादौन उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम झंडा हाल निवासी करैरा की रिपोर्ट पर से आरोपी नबल सिंह कालू, मुकेश, रामसहाय, देवराज,सुनील, मक्खन सिंह, इन्दल, लज्जीराम, कल्ला, कमलेश, रंजीत, जीतेन्द्र, फेरन जाटव, भाजपा नेता सुरेन्द्र दुबे, लोकेन्द्र दुबे, राजू दुबे, कल्ला कुशवाह, जसवंत परिहार निवासीगण बगेधरी के खिलाफ भादवि की धारा 147, 148, 149, 341, 294, 336, 427, 506 का प्रकरण दर्ज किया है।
फरियादी पूरन सिंह जादौन ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि सभी आरोपियों ने उसका बुलेरो वाहन क्रमांक एमपी 33 टी 0804 को रोककर उसे गालियां दीं और जब गालियां देने से उसने मना किया तो सभी आरोपियों ने एकराय होकर उस पर पत्थर बरसा दिये, साथ ही वाहन में बैठे एएसआई भूरा सिंह, आरक्षक कौशलकुमार और राजकुमार पर भी हमला बोल दिया जिससे सभी गंभीर रूप से घायल हो गये। बाद में आरोपी ने वाहन के सभी शीशे तोड़ दिये।
छर्च में पीठासीन अधिकारी ने दर्ज कराया अज्ञात लोगों पर मामला
छर्च थाना क्षेत्र में मतदान केन्द्र पर अज्ञात आरोपियों द्वारा मतदान कार्यक्रम में रुकावट पैदा करने तथा पीठासीन अधिकारी, गोपाल प्रसाद भार्गव व दो आरक्षक आदेश धाकड़ और राजकमल के साथ मारपीट करने एवं बलवा करने के मामले में पुलिस ने पीठासीन अधिकारी गोपाल प्रसाद भार्गव की रिपोर्ट पर से अज्ञात 20 से 25 लोगों के खिलाफ धारा 147, 148, 149, बलवा सहित 353 शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न व 336, 127 लोकप्रनिधित्य अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
उक्त अज्ञात आरोपियों ने लाइन में लगे मतदाताओं के साथ भी झूमाझटकी की थी। सभी अज्ञात आरोपी भीड़ की शक्ल में मतदान केन्द्र पर पहुंचे जहां वह 3 बजे के बाद मतदान होने का विरोध कर रहे थे जिस पर पीठासीन अधिकारी गोपाल भार्गव ने उन्हें समझाया कि सभी वोटरों को पर्ची बांट दी गई हैं और किसी नये वोटर को वहां वोट नहीं डालने दिया जा रहा, लेकिन आरोपियों ने उनकी एक न सुनी और उन पर लात-घूंसे बरसाना शुरू कर दिये जब आरोपियों को रोकने के लिये पुलिसकर्मी वहां पहुंचे तो उनकी भी मारपीट कर दी।
