शिवपुरी। नगरपालिका की पूर्व अध्यक्ष रिशिका अनुराग अष्ठाना ने अपनी ही पार्टी की वरिष्ठ नेत्री स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार की मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया पर बिना उनका नाम लिए पलटवार करते हुए नपाध्यक्ष पद पर भाजपा की हार के लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहरा दिया है। गत दिवस एक समाचार पत्र को दिए गए बयान में यशोधरा राजे ने हार के लिए नपाध्यक्ष को जिम्मेदार बताया था।
प्रेस को जारी बयान में रिशिका अष्ठाना ने सफाई देते हुए कहा कि जब मैं चुनाव प्रचार में गई ही नहीं थी तो जिम्मेदार कैसे? जिम्मेदार तो वे हैं जिन्होंने अपनी ही पार्टी की नगरपालिका की बुराई की और पार्टी के नेताओं के चुनाव प्रचार में आने पर रोक लगा दी थी। यदि यह चुनाव किसी नेता विशेष के भरोस न लड़ते हुए सभी को साथ लेकर लड़ा जाता तो नतीजा भाजपा के पक्ष में होता। मंच से पिछले कार्यकाल पर आरोप लगाने की जगह हमारे कार्यकाल की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाते तो पार्टी को जीत मिलती।
श्रीमती अष्ठाना ने कहा कि नगरपालिका चुनाव में पराजय का ठीकरा मेरे सिर पर फोडऩा सरासर गलत है। यदि नपा के खराब कार्यों के कारण हार होती तो लोकसभा और विधानसभा के चुनाव परिणाम भी भाजपा के प्रतिकूल होते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पार्टी का मु य चेहरा बनकर मैंने घर-घर जाकर वोट मांगे थे। जिससे पार्टी से जबरदस्त जनसमर्थन मिला था। जबकि शहर से लगे हुए ग्रामीण क्षेत्रों और कोलारस बदरवास में पार्टी की हार हुई थी। मेरा यदि विरोध हुआ तो इसका असर लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी नकारात्मक होता।
अपने कार्यकाल का गुणगान करते हुए रिशिका अष्ठाना ने कहा कि पिछले कार्यकाल के कारण ही पहले से अधिक सं या में भाजपा पार्षद जीतकर आए हैं और पिछले कार्यकाल के अधिकांश पार्षद अपने वार्डों से चुनाव जीते हैं। श्रीमती अष्ठाना ने सीधे-सीधे कहा कि मैं षड्यंत्र की शिकार हुई हूं। सीवर प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में धूल की वजह से शहर में आ रही मुश्किल के लिए मुझे दोष देकर जनता को भ्रमित किया गया। जबकि क्रियान्वयन ऐजेंसी पीएचई है। जिसने बीच बाजार में एक साल पहले ही सीवर लाइन खुदवाकर मुझे बदनाम करने का षड्यंत्र किया।
