शिवपुरी। जिले के बदरवास क्षेत्र में बीती रात्रि कांग्रेस के पार्षद पद के पराजित प्रत्याशी कमलेश ग्वाल और उसके भाईयों ने चुनाव में मिली हार से बौखलाकर विजेता भाजपा पार्षद राधेश्याम बंसल के घर में घुसकर उनकी पुत्री प्रियंका, पुत्र सौरभ और भाई केशव की निर्ममतापूर्वक मारपीट कर दी।
घटना में पार्षद सहित चारों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने 9 आरोपियों के खिलाफ धारा 147, 452, 294, 323, 506 आईपीसी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। वहीं आरोपियों की जल्द गिर तारी के लिए वैश्य समाज ने बदरवास का बाजार बंद करा दिया और थाने का घेराव किया। जिस पर पुलिस ने आरोपियों की जल्द गिर तारी का आश्वासन वैश्य समाज को दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रात्रि 9:30 बजे के समय भारतीय जनता पार्टी वार्ड क्रमांक 9 के नवनिर्वाचित पार्षद राधेश्याम बंसल अपने परिवार सहित घर पर मौजूद थे। उसी समय कांग्रेस पार्टी से हारे कमलेश ग्वाल और उसके भाई हरलाल, हीरालाल, रामचरण, हरगोविंद, कोमल, मुकेश, चंदन और दीपक ग्वाल राधेश्याम के घर पहुंचे। जहां सभी आरोपियों ने घुसते ही मारपीट शुरू कर दी। घटना के बाद सभी आरोपी वहां से भाग निकले।
जैसे ही घटना की जानकारी पुलिस को लगी तो पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया, लेकिन आज सुबह वैश्य समाज के लोगो ंने एकत्रित होकर बदरवास बंद का आव्हान कर वहां के बाजार बंद करा दिए और संगठित होकर थाने का घेराव किया तथा पुलिस से आरोपियों की शीघ्र गिर तारी की मांग की। जिस पर बदरवास थाना प्रभारी तिमेस कुमार छारी और तहसीलदार आरके वाजपेयी ने शीघ्र आरोपियों की गिर तारी का आश्वासन दिया। लेकिन इसके बाद भी बाजार नहीं खोले गए।
चुनाव से पूर्व कमलेश रच चुका है अपने अपहरण की कहानी
रात्रि में भाजपा नवनिर्वाचित पार्षद राधेश्याम बंसल के घर पर कांग्रेस से हारे कमलेश ग्वाल और उसके भाईयों ने रात्रि के समय श्री बंसल सहित उनके परिवार के सदस्यों की जमकर मारपीट की। इससे पहले मतदान के एक दिन पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश ग्वाल ने अपने अपहरण की कहानी रची थी। जिस पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया था। उस समय कमलेश के भाई कोमल और चरण पाल ने आरोप लगाया था कि भाजपा प्रत्याशी राधेश्याम बंसल ने कमलेश का जनाधार देखकर उसका अपहरण कर लिया है, लेकिन दूसरे दिन पुलिस ने खतौरा से कमलेश को पकड़ लिया था और उसे बदरवास ले आए थे। इस मामले में पुलिस ने अभी तक झूठे अपहरण की कहानी रचने का मामला कमलेश पर दर्ज नहीं किया है।
सहानुभूति वोट बटोरने के लिए रची थी अपहरण की कहानी
कमलेश ग्वाल 30 नवंबर की रात्रि घर से गायब हो गया था और उसके परिजनों ने भाजपा प्रत्याशी पर अपहरण का आरोप लगाया था, लेकिन मतदान वाले दिन पुलिस ने उसे खतौरा से पकड़ लिया था। जिस पर श्री बंसल ने प्रेस को बताया था कि कमलेश ग्वाल का यह राजनैतिक स्टंट था और उसने सहानुभूति वोट बटोरने के लिए यह पूरा ताना-बाना बुना था, लेकिन मतदाताओं ने कमलेश को सबक सिखाया और चुनाव में वह उनसे पराजित भी हुुआ।