शिवपुरी। फतेहपुर रोड पर रहने वाला धर्मेन्द्र ओझा पिछले चार वर्षों से बीमारी से जूझ रहा है। जिसकी दोनों किडनियां भी खराब हो चुकी हैं और अपने इलाज के लिए उसने घर का सारा सामान और पत्नी की रकम भी बेच दी है, लेकिन इसके बावजूद भी वह अपनी किडनी नहीं बदलवा सका और आज वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
इस मामले को सोशल मीडिया, शिवपुरी समाचार डॉट कॉम और समाचार पत्रों ने प्रमुखता से उठाया जिसके चलते यह पहल अब रंग लाने लगी है और धर्मेन्द्र को किडनी दान देने वाला एक सख्स राजेश शर्मा उर्फ शाकाल सामने आया है।
विदित हो कि वर्मा कॉलोनी एबी रोड पर चार पहिया वाहनों की रिपेयरिंग का काम कर घर-परिवार का पोषण करने वाला धर्मेन्द्र ओझा उर्फ बल्ले मिस्त्री की दोनों किडनियां खराब हो जाने के बाद उसके सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया था, लेकिन इसके बावजूद भी उसने हार नहीं मानी और वह अपने प्रयासों से इलाज के साथ-साथ घर का खर्चा चलाता रहा, लेकिन पिछले 6 महीनों से उसकी हालत और बिगड़ गई और उसका पलंग से उठना भी बंद हो गया।
ऐसी स्थिति में उसके परिवार ने उसके इलाज के लिए धीरे-धीरे कर घर का सारा सामाना बेच दिया। ह ते में दो बार डायलिसिस के लिए वह ग्वालियर जाता था। जहां चार हजार रूपये प्रति चक्कर उसके खर्च होते थे। 6 दिस बर को जब उसे डायलिसिस के लिए ग्वालियर जाना था तो उसके पास डायलिसिस के भी पैसे नहीं थे। तब उसने अपनी मोटरसाइकिल को बेच दिया। साथ ही उसने शहर के समाजसेवियों सहित प्रदेश की उद्योग मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया से भी अपनी मदद की गुहार लगाई। जिस पर उद्योग मंत्री ने उसे सहायता का आश्वासन भी दिया, लेकिन शहर के समाजसेवी पीछे हट गए।