सिंधिया के गढ़ में कांग्रेस के चार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के निहितार्थ

shailendra gupta
शिवपुरी। आगामी नगरपालिका चुनाव को देखते हुए शिवपुरी नगरपालिका में पार्षद और अध्यक्ष पद के प्रत्याशी चुनने हेतु प्रदेश कांग्रेस द्वारा चार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के दो मायने हैं। या तो कांग्रेस नगरपालिका चुनाव को पूरी गंभीरता के साथ लडऩे की दिशा में आगे बढ़ रही है या फिर सिंधिया के गढ़ में यह गुटीय संतुलन स्थापित करने की कवायद है ताकि प्रत्याशियों के चयन में सिंधिया खेमे के वर्चस्व पर अंकुश लगाया जा सके।

चार पर्यवेक्षकों में अमिताभ हर्षी विशुद्ध रूप से सिंधिया समर्थक हैं, जबकि ग्वालियर के राजेन्द्र शर्मा दिग्विजय सिंह खेमे से जुड़े हुए हैं। भोपाल के संजय गौतम की नियुक्ति राहुल बिग्रेड से मानी जा रही है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि श्री गौतम सिंधिया समर्थक हैं। चौथे पर्यवेक्षक त्रिलोक दीवानी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव खेमे के हैं।
15 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा भोपाल में पर्यवेक्षकों के नामों की घोषणा की गई। बताया जाता है कि पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया गया है कि प्रत्याशी चयन करते समय वह जीत की संभावना वाले उ मीदवार को प्राथमिकता दें, भले ही उसकी गुटीय प्रतिबद्धता किसी भी खेमे से हो। प्रत्याशी चयन हेतु कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सलाह मशबरा के अलावा जनता में जाकर उम्मीदवारों के विषय में जानकारी भी हांसिल की जाये।

पत्रकारों और समाज के गणमान्य नागरिकों से चर्चा करने के उपरांत जीतने योग्य श्रेष्ठ उ मीदवार को टिकिट दिया जाये। आपराधिक छबि वाले उ मीदवार को किसी भी हालत में टिकिट न दिया जाये। इन हिदायतों को यदि व्यावहारिकता के धरातल पर क्रियान्वित किया जाये तो साफ है कि नगरपालिका चुनाव में इस बार उ मीदवार की गुटीय प्रतिबद्धता के ज्यादा मायने नहीं रहेंगे। इसी कारण पर्यवेक्षकों की नियुक्ति में संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया गया है ताकि योग्य उ मीदवारों का चयन हो सके।

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