शिवपुरी-मंगलम संस्था द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में अक्षय तृतीया के दिन राजुल महिला मंडल की सदस्यों द्वारा न केवल बुजुर्गों को मच्छरदानी भेंट की गयी वरन् मलेरिया जैसे घातक रोगों से बचने की नसीहत भी महिला मंडल की सदस्यों द्वारा उन्हें दी गयी। महिलाओं की इस सेवा उदार भावना को जहां बुजुर्गों ने सराहा वहीं समाजसेवी होने का उत्तरदायित्व इन महिलाओं ने बखूबी निभाया।
राजुल महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती बवीता जैन पत्ते वाली एवं सचिव श्रीमती रश्मि जैन गंज वाली ने संयुक्त रूप से बताया कि अक्षय तृतीया पर्व को जैन दर्शन में भगवान आदिनाथ को याद करते हुये मनाये जाने की पर परा है। माना जाता है कि इस दिन प्रथम तीर्थकर भगवान आदिनाथ को राजा श्रेणिक द्वारा प्रथम बार इच्छु रस अर्थात् गन्ने के रस का आहार दिया गया था और तभी से अक्षय तृतीया पर्व को उल्लासपूर्वक जैन समुदाय द्वारा मनाया जाता है। इसे कहीं-कहीं आखातीज पर्व भी कहते हैं। इस दिन की याद में महिलाओं द्वारा बुजुर्गों की सेवा क्रम में मंगलम संस्था द्वारा संचालित वृद्धाश्रम पहुंचकर उन्हें मच्छरदानी वितरित की गयी, साथ ही मच्छरजनित बीमारियों से बचाव की भी जानकारी संस्था की सदस्यों द्वारा बुजुर्गों को दी गयी। इस अवसर पर संस्था की अध्यक्ष बवीता जैन, सचिव रश्मि जैन, कोषाध्यक्ष सुधा जैन, सदस्य ममता जैन, रितू जैन, रानी जैन, नीलू जैन, रश्मि जैन, रूचि जैन, भारती जैन, शिल्पा जैन, ज्योति जैन और खुशबू जैन विशेष रूप से उपस्थित थीं।
जिनालय में रखी आरती उतारने की प्रतियोगिता
राजुल महिला मंडल की सभी सदस्याओं ने संयुक्त रूप से अक्षय तृतीया के अवसर पर जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर भगवान आदिनाथ की जैन मंदिर में पूजा अर्चना की और फिर भगवान की आरती उतारने की प्रतियोगिता का आयोजन महिलाओं द्वारा किया गया जिसमें विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया और अक्षय तृतीया का पर्व धूमधाम से मनाया।