शिवपुरी। बैराड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शुक्रवार की सुबह एक महिला ने बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद हो रहे रक्तस्त्राव को अस्पताल का स्टाफ कंट्रोल नहीं कर पाया, इस बीच नवजात शिशु की मौत हो गई। उधर महिला की हालत बिगडऩे पर दो घंटे बाद जब शिवपुरी रैफर किया तो जिला अस्पताल पहुंचने से पहले उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।
बैराड़ के मेडि़कल ऑफिसर ने मोबाइल ही नहीं उठाया
जबकि पोहरी बीएमओ ने संभावनाओं को व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग की खामियों पर पर्देदारी कर दी। मृतका का एक चार साल का बेटा भी है।
बैराड़ निवासी पुष्पेंद्र शर्मा की पत्नी रेणु ;27 वर्ष को प्रसव पीड़ा होने पर सुबह 6 बजे अस्पताल ले जाया गया। सुबह 7 बजे रेणु ने बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद हो रहे रक्तस्त्राव से अचानक रेणु की हालत बिगडऩे लगी। बकौल पुष्पेंद्र, जब मैने पत्नी की हालत बिगड़ती देखी तो वहां स्टाफ से कहा कि हमें जल्दी ग्वालियर या शिवपुरी भिजवा दो। पहले तो वहां नर्स कहती रहीं कि ठीक हो जाएगी। इसी बीच नवजात शिशु ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इधर जब रेणु की हालत अधिक खराब हो गई तो 9 बजे 108 एंबुलेंस में महिला को शिवपुरी जिला अस्पताल रैफर किया। एंबुलेंस जब पोहरी रोड पर रेलवे क्रॉसिंग पार कर रही थीए तभी रेणु ने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने जांच कर मृत घोषित कर दिया।
हाई रिस्क केस थाए इसलिए यह हुआ
डिलीवरी से पहले महिला की स्थिति ठीक नहीं थी। इतनी सुबह एनवक्त पर प्रसूता को परिजन लेकर आए। प्रसव के बाद ब्लीडिंग को कंट्रोल करने का अपने स्तर पर प्रयास कियाए जब नहीं हो सका तो फिर शिवपुरी रैफर किया। नवजात शिशु की मृत्यु कैसे हुईए यह पता नहीं है। पूरे मामले में केस शीट देखने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।
साकेत सक्सैना
बीएमओ, पोहरी