शिवपुरी। आखिरकार देर-सबेर माननीय उच्च न्यायालय ने अंचल के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली जलावर्धन योजना की पूर्णता में अटके रोड़ों को हटाकर इस योजना को पूरी करने के आदेश जारी कर दिए है। इस फैसले में माननीय न्यायालय में वन संरक्षक के उस आदेश को भी रद्द कर दिया गया है जिसमें वन क्षेत्र में होने वाली 9 किमी की खुदाई के चलते जलावर्धन योजना का कार्य अटका हुआ था।
इस मामले को शहर के अभिभाषक पीयूष शर्मा ने जनहित के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई और बीते जनवरी में लगाई गई इस याचिका पर फैसला अल्प समय में मई की शुरूआत में हुआ जिसमें गत दिवस होई कोर्ट द्वारा जलावर्धन योजना की पूर्णता के निर्देश दिए इसके लिए एक टीम गठित करने की बात भी न्यायालय द्वारा की गई है जिसमें निगरानी हेतु कलेक्टर शिवपुरी, मु य नगर पालिका अधिकारी एवं वन विभाग के निदेशक शामिल होंगें। जिन पर यह दायित्व होगा कि निर्धारित अवधि तय कर जलावर्धन योजना का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
माननीय न्यायालय शिवपुरी में बढ़ते ही पेजयल संकट को लेकर यह अहम फैसला दिया है जिससे जनमानस में खुशी की लहर व्याप्त है तो वहीं अभिभाषक पीयूष शर्मा ने इसे जनता की जीत बताया है साथ ही एड.पीयूष का कहना है कि यदि शीघ्र अतिशीघ्र होईकोर्ट के निर्देशों का अमल जिला प्रशासन द्वारा नहीं किया गया तो वह पुन: अपील कर इस मामले में स त कार्यवाही की मांग भी करने में संकोच नहीं करेंगें। माननीय उच्च न्यायालय में यह अपील एड.पीयूष शर्मा के सहायक विवेक जैन द्वारा की गई।
इसलिए दायर की थी याचिका
एड.पीयूष शर्मा ने जनहित याचिका दायर कर मु य वन संरक्षक के आदेश को रद्द करने की मांग की थी। इस आदेश के तहत नेशनल पार्क क्षेत्र में पाईप लाईन डालने हेतु कार्य को रोक दिया गया था और खुदाई पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस मामले में उनके अभिभाषक विवेक जैन की दलील थी कि पहले पाईप लाईन बिछाने की अनुमति मिली थी, लेकिन 11 जून 2013 को मु य वन संरक्षक ने स्वयं के आदेश पर पाईप लाईन बिछाने पर रोक लगा दी। पाईप लाईन बिछाने के लिए नेशनल पार्क क्षेत्र में खुदाई के अलावा और कोई रास्ता नहीं है तथा पाईप लाईन बिछाने में रोक से शिवपुरीवासियों को सिंध का पानी सुलभ नहीं हो पा रहा है।
इसलिए होईकोर्ट में जलावर्धन योजना की अपूर्णता को लेकर एड.पीयूष ने याचिका दायर की जिस पर गत दिवस माननीय उच्च न्यायालय इस मामले को संज्ञान में लेकर अहम फैसला देकर वन संरक्षक के आदेश को रदद कर दिया। न्यायमूर्ति एसके गंगेले और न्यायमूर्ति बीडी राठी की खण्डपीठ ने आदेश दिया है कि तय समय सीमा में पाईप लाईन बिछाने का काम पूरा किया जाए ताकि शहरवासियों को पेयजल मिल सके। फैसले के तहत मु य वन संरक्षक का आदेश रद्द किया गया है और कलेक्टर शिवपुरी, मु य नगरपालिका अधिकारी और माधव राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक को मिलाकर एक कमेटी का गठन करने का निर्देश दिया गया है जो पाईप लाईन बिछाने के कार्य की निगरानी करेगी और पाईप लाईन बिछाने में न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन किया जाता है तो संबंधित अधिकारियों व ठेकेदार को आवश्यक निर्देश जारी करेगी जो अधिकारियों व ठेकेदारों के लिए बाध्यकारी होगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्धारित समयावधि में पाईपलाईन बिछाने का कार्य पूरा किया जाए।