आतंकी हुआ आसमान, फिर बरसी आफत

shailendra gupta
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शिवपुरी। लगता है आसमान भी आतंकी हो गया है। किसानों के दम तोड़ने तक कहर बरसाता रहेगा। गई शाम एक बार फिर बेमौसम बरसात हो गई। इस बारिश ने बचीखुची फसल को भी मिटा डाला।

शहर में दोपहर करीब 3 बजे तेज बारिश के साथ ओले गिरे। इसके अलावा जिले के अन्य स्थानों पर भी तेज बारिश के साथ ओले की खबर है। सबसे ज्यादा खनियाधाना, कोलारस व रन्नोद में ओलावृष्टि से काफी हद तक नुकसान बताया जा रहा है। बारिश के कारण शहर में भी जगह-जगह कई स्थानों पर गड्डो व सड़को पर पानी भरने से लोगो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पिछले दिनो अचंल में हुई ओलावृष्टि की सर्वे अभी ठीक तरह से हो नही पाया था वहीं मंगलवार को फिर से हुई इस प्राकृतिक आपदा से किसान अब भूखे मरने की कगार पर पहुंच गया है।  शहर में हुई तेज बारिश व ओले गिरने से शहरवासियों को तो कोई नुकसान नहीं है लेकिन अंचल में कई स्थानों पर हुई ओलावृष्टि से किसानों में त्राहि-त्राहि मची हुई है। किसान मंगलवार को भी कलेक्टर सहित अन्य शासकीय कार्यालयों में अपनी चौपट हुई फसलों का दुखड़ा बताने को आए थे और आज हुई बारिश व ओलावृष्टि से किसान को जैसे कोई रास्ता ही नजर नहीं आ रहा है।

चने की फसल पूरी तरह हुई चौपट

कृषि अधिकारियों की मानें तो जिले में लगभग 80 फीसदी चने की फसल लगभग पूरी तरह से चौपट हो गई है। बची-कुची फसल आज हुई बारिश से बर्बाद होने की स्थिति बन रही है। इसके अलावा अन्य फसलों का भी बुरा हाल है कई स्थानों पर सोयाबीन कट रही है तो कहीं कटने को तैयार खड़ी है। दोनो की स्थितियों में सोयाबीन की फसल खराब होती नजर आ रही है। गेंहूॅ की फसल पर भी ओलावृष्टि से काफी नुकसान बताया जा रहा है।

लोकसभा चुनाव से सर्वे होगा प्रभावित

स्थिति यह है कि अभी पिछली ओलावृष्टि का सर्वे अधिकारी व पटवारी पूरा नहीं कर पाए है वहीं मंगलवार को हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि से चौपट हुई फसलों का सर्वे कार्य कैसे पूरा होगा यह एक सोचनीय प्रश्र सभी के सामने है। एक तरफ पूरे अधिकारी व कर्मचारी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में व्यस्त है वहीं सर्वे का कार्य इन्हीें अधिकारियों व कर्मचारियों को करना है तो फिर किस कार्य को प्रशासन प्राथमिकता से लेगा यह किसी से छिपा नहीं है। ऐसे मेें किसानों को भूखा मरना तय है।

इनका कहना है।
इस प्राकृतिक आपदा से किसानों की स्थिति और अधिक दयनीय हो गई है। जिले भर में चने की फसल 80 फीसदी, गेंहूॅ 25 फीसदी तथा सरसो में 25 फीसदी नुकसान आंका गया है। यह स्थिति जिले में नहीे बल्कि प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रदेशों में है। --
एसके कुशवाह
उप संचालक कृषि, शिवपुरी।

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