आशा कार्यकर्ता व सहायिका भर्ती परीक्षा में घपले का आरोप

shailendra gupta
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बदरवास। शासन की मंशानुरूप ग्राम-ग्राम स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली के लिए आशा कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को सम्मिलित करने के लिए उन्हें नियमानुसार भर्ती परीक्षा के बाद चयनित किया जाता है लेकिन अब तो व्यापमं घोटाले की तरह यह घोटाला होने की भी चर्चाऐं सुनाई दे रही है।

बताया गया है कि जिले के बदरवास क्षेत्रांतर्गत बीते रोज आयोजित हुई आशा कार्यकर्ता व सहायिका चयन परीक्षा में कई ऐसे अपात्रों को पात्र बनाकर नियुक्ति दी गई है हालांकि जिन उ मीदवारों को अपात्र बताया है वह इस मामले में आगे जाकर कार्यवाही करने की बात कह रहे है वहीं जिन्हें यह नियुक्ति मिल गई है वह प्रसन्न है।

सूत्रों द्वारा पता चला है कि इस पूरे मामले में ना केवल प्रशासनिक टीम की मिलीभगत है बल्कि भर्ती में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने भी इस छोटी सी नियुक्ति को पाने के लिए अच्छी खासी रकम देकर अपना मनोनयन कराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। यदि समय रहते इस पूरी भर्ती परीक्षा पर जांच की आंच बैठ जाए तो कई अधिकारी-कर्मचारी लपेटे में आ सकता है। चर्चाओं में परियोजना अधिकारी पर भी इस भर्ती काण्ड के छींटे उचट रहे है अब वह स्वयं को कैसे संभालेंगे यह तो आने वाला समय ही बता सकेगा।

फिलवक्त आशा कार्यकर्ताओं व सहायिका भर्ती में घपले के आरोप लगने के बाद यह पूरा मामला जांच का विषय बन गया है। संभव है कि आने वाले कल में प्रशासन द्वारा एक टीम बनाकर पूरी भर्ती परीक्षा को ही जांच की जद में लिया जाए और जब दोषी सामने आऐंगें तब मामले का एक बड़ा खुलासा सामने आने की संभावना है।

यह देखें उदाहरण में

बताया गया है कि बदरवास क्षेत्र में महिला बाल विकास विभाग द्वारा की गई नियुक्तियों में जो घपला सामने आया है उसमें वार्ड क्रं.3,4,5,13,14,15 के अ यार्थी शामिल रहे। जिन्होंने मिलकर यह परीक्षा दी लेकिन इस परीक्षा में कई अपात्रों को पात्र बनाकर चयनित कर लिया गया जिसमें बताया गया कि वंदना शर्मा पत्नि प्रदीप शर्मा के जहां परीक्षा के दौरन 66.2 प्रतिशत अंक आए तो दूसरी ओर अन्य अ यार्थी ओमवती शर्मा की 37.2 प्रतिशत फिर भी यहां वंदना को नियुक्ति ना देकर ओमवती को पात्र बताया गया, इसी प्रकार से एक ओर अ यार्थी पूजा ओझा पुत्री महेश ओझा इंदार 82 प्रतिशत होने के बाद भी चयन नहीं किया गया। जबकि अन्य अ यार्थी को शामिल कर उसे चयनित कर दिया गया। इस तरह यह पूरा मामला अब जांच का विषय बन गया है।

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