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गांव में 15 साल से नहीं है चौकीदारी, वेतन किसने ले लिया

शिवपुरी/करैरा। शिवपुरी करैरा क्षेत्र की अफसरशाही के कारनामों की जितनी तारीफ की जाये उतनी कम है रोज नए कारनामें इनके द्वारा यहां दिखाये जाना आम बात है एैसा ही एक मामला करैरा तहसील क्षेत्र में आने वाले ग्राम टौड़ा करैरा का प्रकाश में आया है यहां पिछले 15 साल से चौकीदार ना होने के बाद भी उसकी वेतन बराबर निकाली जा रही है।

ग्राम टौड़ा करैरा के सरपंच भगवत यादव, जनपद सदस्य भागीरथ यादव व भाजपा के युवा नेता बसंता भार्गव सहित ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारे ग्राम में पिछले 15 वर्षों से कोई भी चौकीदार नही है लेकिन हमारे द्वारा तहसील से जानकारी ली गई तो पता चला की उषा सेन नामक चौकीदार के नाम से वेतन बराबर निकाली जा रही है जबकी उनके गांव में इस नाम की कोई भी महिला नही है फिर किस नियम के तहत उसकी वेतन निकाली जा रही है यह समझ से परे होकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार 15 वर्ष पूर्व ग्राम के गोविंददास परिहार ने स्वेच्छा से स्तिीफा दे दिया था उसके बाद किसी भी ग्राम के व्यक्ति की नियूक्ति यहां नही हुई लेकिन सरकारी दस्तावेजों में आज भी यहां उषा सेन नामक चौकीदार पदस्थ है और उसका वेतन कागजों में यहां से निकाला जा रहा जबकी उषा सेन ना तो यहां ग्राम की निवासी है और ना ही कोई ग्रामीण एैसे जानता है लेकिन वह जिले के किसी डिप्टी कलेक्टर के घर की चौकीदारी कर रही है जिसके चलते उसे अधिकारीयों द्वारा फर्जी तरीके से अभयदान दिया जा रहा है लेकिन नियम अनुसार किसी ग्राम के ही व्यक्ति को चौकीदार बनाया जाना चाहिए फिर ग्राम का निवासी ना होने के बाद भी किसी एैसे आदमी को चौकीदार बनाया जाना समझ से परे बना हुआ है ग्रामीणों ने जिलाधीश महोदय से इस ओर ध्यान देकर चौकीदार की नियूक्ति कराने व उचित कार्यवाही करने की मांग की है।

ग्राम पंचायत में डाले जा चुके है ठहराव प्रस्ताव


ग्राम पंचायत टौड़ा करैरा में तीन बार ठहराव प्रस्ताव डाले डाला जा चुका है कि किसी को ग्राम का चौकीदार बनाया जाये लेकिन तीनों बार प्रस्ताव भेजने के बाद भी प्रशासन ने उसे अनदेखा कर दिया और फर्जी तरीके से अन्य आदमी की वेतन आज तक निकाली जा रही है।

दोनों अधिकारी इस मामले में जवाब देने से पल्ला झाड़ते नजर आये-


इसे वक्त की परकाष्ठा ही कहेंगे की ग्रामीणों की इतनी गम्भीर समस्या पर जब करैरा एसडीएम व तहसीदार से जानकारी लेना चाही तो उनके द्वारा कहा गया कि मै अभी फील्ड में हूं मुझे जानकारी नही है करैरा क्षेत्र के मुखिया कहलाने वाले हमारे एसडीएम महोदय ए.के.चांदिल साहब द्वारा इतना भर कह देने से ग्रामीणों की इतनी बड़ी समस्या टल जायेगी?

वही हमारे करैरा के तहसीलदार साहब का कहना है कि अभी मुझे कोई जानकारी नही है आज हमारा बाबू नही आया है में देखता हूं बाबू के आने के बाद अरे तहसीलदार साहब क्या इतना भर कह देने से ग्रामीणों की इतनी बड़ी समस्या टल जायेगी?